यूपी में मानव तस्करी के काले व्यापार का पर्दाफाश हुआ है जहां असम से लाई गई चार युवतियों की बोली लगाई गई थी। पुलिस ने जांच पड़ताल करते हुए भट्टा कर्मचारियाें से पूछताछ की है।


घटना यूपी के बागपत के सरूरपुर कलां गांव की है जहां ईंट भट्ठे पर आठ दिन पहले असम की महिला मल्लिका को 22 हजार रुपये में बोली लगाकर बेचा गया। जिसे मुकेश नाम के एक युवक ने खरीदा था और16 मार्च को असम की एक युवती से शादी की थी। परिजनों का आरोप है कि मुकेश ने इसके बदले दो युवकों को 15 हजार रुपये दिए थे, लेकिन सात हजार रुपये बाकी थे। बकाया रकम न मिलने पर मंगलवार शाम दोनों आरोपी झगड़ा कर मुकेश की पत्नी को ले गए थे। पत्नी के जाने से आहत होकर मुकेश ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।

मृतक युवक के परिजनों का कहना है कि आरोपी सोनू और मोनू असम से लड़कियां लाकर बागपत जनपद में बेचते हैं। पुलिस इस मामले की गोपनीय तरीके से जांच कर रही है। ईंट भट्ठों पर रहने वाले मजदूरों से जानकारी प्राप्त की जा रही है।


सूत्रों के अनुसार आरोपी युवक सोनू और मोनू काफी समय से लड़कियों को बेचने का धंधा कर रहे हैं। सोनू की ससुरल असम में है। वह वहां से लड़कियों को बहला-फुसला कर यहां लाता है और फिर उनकी बोलियां लगाकर बेच देते हैं। आठ दिन पहले भी वह असम की चार लड़कियों को लेकर आया। इनकी बोलियां लगाई गई। मल्लिका को उसने मुकेश को बेचा और अन्य तीन युवतियों को वह लेकर दूसरे भट्ठे पर चला गया।


सीओ दिलीप सिंह ने बताया कि भट्ठे पर युवतियों की बोलियां लगाई गई या नहीं, इसकी जांच की जा रही है। जनपद में अन्य भट्ठों पर असम की युवतियों को तलाशा जा रहा है। आरोपी सोनू को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने पुलिस को बताया कि उसकी ससुराल असम में है। मल्लिका के पति की कुछ दिन पहले मौत हो गई। इसलिए वह उसे यहां लेकर आया और उसकी शादी मुकेश से कराई।

उन्होंने मल्लिका को नहीं बेचा। मृतक मुकेश शराब पीने का आदी है, इसलिए मल्लिका उसके साथ रहना नहीं चाहती थी, इसके साथ ही मल्लिका छह माह की गर्भवती है। हम उसे समझाने के लिए अपने साथ लेकर गए। सीओ ने बताया कि पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।