भोजपुर जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना में फर्जीवाड़ा का खुलासा हुआ है। इस योजना के अंतर्गत जिले के 1 लाख 71 हजार 743 किसान लाभार्थी हैं, जिनमें से 3000 फर्जी किसानों को चिन्हित किया गया है। ये किसान योजना का लाभ लेते हुए पैसे ले रहे थे। अब ऐसे किसानों को भारत सरकार ने राशि लौटाने का सख्त निर्देश दिया है।

भोजपुर जिले में लाखों रुपए का इनकम टैक्स देने वाले व्यापारी और अन्य रोजगार से जुड़े व्यक्ती वास्तविक किसान बनकर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ उठा रहे थे। इस बात का खुलासा तब हुआ जब जिले में सभी किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े लोगों की जांच पड़ताल की गई। फर्जी किसानों के इनकम टैक्स रिटर्न की जांच पड़ताल के बाद भारत सरकार के कृषि विभाग ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में फर्जीवाड़े का खुलासा किया है।

भारत सरकार के कृषि विभाग के खुलासे के बाद भोजपुर जिले के ऐसे 3000 किसानों से राशि वसूली करने की कार्रवाई शुरू की गई है। भोजपुर जिले में इस योजना का फर्जी तरीके से लाभ ले रहे हजारोंं किसानों चिन्हित किया गया है। 3000 फर्जी किसानों ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के तहत 12 हजार और 6 हजार रुपए तक का लाभ लिया है, जिन्हें भारत सरकार के कृषि विभाग के सख्ती के बाद राशि लौटानी पड़ेगी। सूचना के बाद भी राशि नहीं लौटाने वालों के खिलाफ कृषि विभाग प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई करेगा।

इस मामले पर जिला कृषि पदाधिकारी मनोज कुमार ने एनबीटी.कॉम को बताया कि आयकर विभाग की जांच में फर्जी किसानों के फर्जीवाड़े की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि गलत तरीके से किसान बनकर जिन लोगों ने इस योजना में पैसे लिए हैं, उनसे राशि लौटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जल्द ही उसे रिकवर किया जाएगा।

बता दें, पीएम किसान योजना की अगली किस्त 15 मई के बाद आनी शुरू हो जाएगी। बताया जा रहा है कि पीएम मोदी इस दिन किसानों से वर्चुअल संवाद भी करेंगे। देशभर में आठवीं किस्त किसानों के लिए जारी होगी। इस सम्मान योजना से देश के करोड़ों किसान लाभान्वित हो रहे हैं और भोजपुर में भी लाखों की शान इसका लाभ ले रहे हैं।

Demo Pic