पाकिस्तान में कोरोना वायरस के 3,938 नए मामले सामने आने के साथ ही मंगलवार को संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 76,398 हो गयी वहीं इस घातक बीमारी के कारण जान गंवाने वालों की संख्या 1,621 हो गयी है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के कारण 78 लोगों की मौत हुयी है जिससे मृतकों की कुल संख्या 1,621 हो गयी। मंत्रालय के अनुसार, कुल 27, 110 लोग इस बीमारी से उबर चुके हैं। सिंध में कोरोना वायरस के 29,647 मरीज हैं जबकि पंजाब में 27,850, खैबर-पख्तूनख्वा में 10,485, बलूचिस्तान में 4,514, इस्लामाबाद में 2,893 और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में 271 मरीज हैं।


अधिकारियों ने अब तक 5,77,974 परीक्षण किए हैं जिनमें से 16,548 परीक्षण पिछले 24 घंटों में किए गए हैं। इस बीच प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि इस बीमारी का कोई टीका विकसित होने तक लोगों को कोविड-19 के साथ रहना सीखना चाहिए। खान ने महामारी से निपटने के लिए गठित निकाय राष्ट्रीय समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने कहा, "जब तक टीके की खोज नहीं कर ली जाती, तब तक कोरोना वायरस दूर नहीं होगा। हमें इसके साथ ही रहना सीखना होगा और अगर हम सावधानी बरतें तो हम इसके साथ रह सकते हैं।"


पाकिस्तान में लीक हुए एक सरकारी दस्तावेज से खुलासा हुआ है कि प्राधिकारियों ने उन विशेषज्ञों को नजरंदाज किया जो देश के पंजाब प्रांत में एक महीने का लॉकडाउन चाहते थे और जिनका अनुमान है कि प्रांतीय राजधानी लाहौर में हो सकता है कि 670,000 लोग संक्रमित हुए हों। मीडिया द्वारा विशेषज्ञों की रिपोर्ट मंगलवार को प्रकाशित किये जाने के बाद निवासियों ने सिफारिश पर ध्यान देने के बचाय सरकार की पाबंदियों में ढील देने के लिए आलोचना की। रिपोर्ट लाहौर में नमूना सर्वेक्षण पर आधारित थी जिससे 15 मई तक 245 मौतें हुई थीं।


यह दस्तावेज गत मार्च में लागू कोरोना वायरस पाबंदियों में प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा छूट देने के कुछ घंटे पहले सामने आया। खान ने यह कहते हुए पाबंदियों में छूट की घोषणा की कि पाकिस्तानियों को यह सीखना होगा कि वायरस के साथ किस तरह से रहना है क्योंकि लॉकडाउन से बीमारी का इलाज नहीं होता। पाकिस्तान में कोरोना वायरस के 76,398 मामले सामने आये हैं और 1,621 मौतें हुई हैं।