मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने सोमवार को कहा कि न्यू डेवलेपमेंट बैंक ने जल संबंधी परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है और इसके लिए लिये 2900 करोड़ रुपये आबंटित किए है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल शक्ति मंत्रालय के जल जीवन अभियान के तहत राज्य सरकार ने 2600 करोड़ रुपये की योजना संबंधी विस्तृत रिपोर्ट (डीपीआर) प्रस्तुत कर दी है।


सिंह ने थोबल जिले में थोबल जल आपूर्ति परियोजना विस्तारण के उद्धाटन समारोह के दौरान कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में जल इकाईयों एवं आद्र्र भूमि के संरक्षण और नवीनीकरण के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं और इसके साथ ही सरकार ने झीलों के नवीनीकरण के लिये करीब 22 से 25 लाख रुपये की राशि निश्चित की है।


उन्होंने कहा कि यदि हम अपने कार्य को पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ करेंगे तो विकास के बूते हमारा प्रदेश निश्चित रूप से समृद्ध होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सत्ता में आने के बाद से ही शिक्षा, स्वास्थ्य, जल आपूर्ति जैसे अन्य क्षेत्रों की ओर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने कहा कि थोबल जल आपूर्ति विस्तारण परियोजना सरकार की एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।


उन्होंने निर्माण कार्य तय समयावधि से पहले पूरा करने पर स्वास्थ्य मंत्री, मुख्य अभियंता तथा विभाग के अन्य अधिकारियों कीसराहना की। सिंह ने कहा कि हरित मणिपुर अभियान की शुरुआत प्रदेश के जंगलों को विकसित एवं संरक्षित करने और यहां के लोगों को ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने को प्रोत्साहित करने के लिए की गई है।


सिंह ने कहा यदि जंगलों के संरक्षण एवं विकास की ओर ध्यान नहीं दिया गया तो जल इकाइयां सूख सकती है और करीब 235 गांवों के लोगों ने सरकार से संपर्क कर कहा है वे इस अभियान के तहत जमीन के विकास के लिए कम से कम पांच एकड़ भूमि प्रदान करने के इच्छुक हैं। उन्होंने राबर्ट उच्च माध्यमिक स्कूल के छात्र बेबीसाना कीर मौत के बारे में कहा कि सरकार अपराधियों को गिरफ्तार करने के हर संभव प्रयास कर रही है और सभी संदिग्धों को पुलिस ने पकड़ लिया है तथा मृतक छात्र का पोस्टमार्टम दो बार कराया गया है और इसकी वीडियोग्राफी कराई गई है।


इस मामले में बाद में धारा 302 भी जोड़ दी गई है और मामले की जांच के लिए केन्द्रीय जांच ब्यूरो से आग्रह किया किया गया है। मामले की जांच के लिए फिलहाल मुख्यमंत्री की निगरानी में एक स्वतंत्र जांच दल का गठन किया गया है तथा जांच जारी है।