असम में विदेशी न्यायाधिकरण से जुड़े मामलों के तहत विभिन्न बाल सुधार गृहों में 29 से अधिक बच्चों को रखा गया है, जिसमें अधिकतर लड़कियां हैं। संसदीय मामलों के मंत्री चंद्र मोहन पटवारी ने विधानसभा में बताया कि आठ फरवरी की रात असम के विभिन्न बाल सुधार केंद्रों में 29 बच्चों को रखा गया है। 

गृह मंत्रालय भी संभाल रहे पटवारी कांग्रेस विधायक कामलख्या देव पुरकायस्थ की ओर से पूछे गए लिखित प्रश्न का जवाब मुख्यमंत्री की ओर से दे रहे थे। उन्होंने कहा कि तेजपुर में 12, कोकराझार में 11 और जोरहट में छह बच्चों को रखा गया है। बाल सुधार गृहों में रखे गये 29 बच्चों में 17 लड़कियां हैं तथा सबसे कम उम्र के बच्चे की उम्र एक साल सात महीना है। 

मंत्री ने बच्चों के शैक्षणिक सुविधा को लेकर कहा कि कोकराझार बाल सुधार गृह के आठ बच्चे रूपनाथ ब्रह्म एलपी स्कूल में पढ़ते हैं, जबकि एक बच्चा एमई स्कूल और दो जेल स्कूल में पढ़ते हैं। जोरहट और तेजपुर बाल सुधार गृहों के बच्चे जेल स्कूल और आंगनवाड़ी शिक्षकों से पढ़ते हैं जो अक्सर इन केद्रों में बच्चों की सहायता के लिए जाते हैं।