देहरादून। रूस-यूक्रेन युद्व के मध्य फंसे उत्तराखण्ड के 10 छात्र पिछले 24 घंटे में सरकार की सक्रियता से सुरक्षित अपने देश वापस आ गए। अभी तक राज्य के कुल 27 छात्रों को वापस लाया जा चुका है। 

उत्तराखण्ड के सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग के उप निदेशक रवि विजर्निया ने बुधवार सुबह बताया कि पिछले 24 घंटों में राज्य के कुल 10 छात्रों को सुरक्षित दिल्ली पहुंचाया जा चुका है। 

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उन्होंने बताया कि जिनमें मंगलवार सुबह छह और मंगलवार देर रात्रि चार छात्र भारत पहुंचे। उल्लेखनीय है कि 27 फरवरी से अभी तक राज्य के कुल 27 लोगों को वापस लाया जा चुका है। ये सभी यूक्रेन और उसके आसपास के शहरों में मेडिकल की पढ़ाई करने गये थे।

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यूक्रेन से आए छात्रों ने बताई आपबीती

यूक्रेन से मंगलवार को स्वदेश पहुंची हरियाणा के पानीपत शहर की लतीफ गार्डन कालोनी निवासी और एमबीबीएस छात्रा पुनीता $खरब ने बताया कि रूस और यूक्रेन की सेनाएं तिरंगा लगे वाहनों को युद्ध क्षेत्र से सुरक्षित निकलने दे रहीं हैं। स्वदेश लौटने पर पुनीता ने और उसके परिजनों राहत की सांस ली है। 

उसने बताया कि यूक्रेन के हालात भयावह हैं लेकिन एक बात राहत देने वाली है कि वहां भारत के तिरंगे झंडे को देखकर उन्हें यूक्रेन और रूस के सैनिकों नहीं रोका और सुरक्षित जाने दिया। पुनीता ने घर वापसी के लिए राज्य व केन्द्र सरकारों का शुक्रिया अदा किया है। परिवार और कालोनी के लोग उनके घर पहुंच कर पुनीता और यूक्रेन का हाल जान रहे हैं। 

पुनीता के अनुसार यूक्रेन में सीमा पर बच्चों को बहुत दिक्कत आ रहीं हैं लेकिन सीमा पार करने पर भारतीय समाज के लोगों और दूतावाद छात्रों की मदद कर रहे हैं। यहां पहुंचने पर हवाईअड्डे पर पुनीता और अन्य छात्रों ने इस समस्या को लेकर केंद्र सरकार को अवगत कराया है। पुनीता ने बताया कि घर सुरक्षित पहुंचने की खुशी जरूर है लेकिन उससे ज्यादा वह उन बच्चों को लेकर है जो अभी भी यूक्रेन या सीमा पर फंसे हुए हैं। पुनीता आज केंद्र सरकार के प्रयासों से एयर इंडिया की फ्लाइट में वह 150 छात्रों के साथ दिल्ली पहुंची। पुनीता गत पाँच दिनों से दिन-रात सो भी नहीं सकीं हैं।