त्रिपुरा के बांसुरी वादक थांगा दारलोंग को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किये जाने की घोषणा के बाद पूरा राज्य खुशी से उत्साहित है। उत्तरी त्रिपुरा में उनाकोटी के रहने वाले श्री थांगा को बांसुरी की पारंपरिक कला रूप को संरक्षित रखने के लिए पदमश्री पुरूस्कार से नवाजे जाने का फैसला किया गया है।


इससे पहले त्रिपुरा के डॉ. राथिन दत्ता को 25 साल पहले 1992 में बांग्लादेश की आजादी में योगदान के लिए पद्मश्री पुरूस्कार से नवाजा गया था।


इसबीच मुख्यमंत्री विप्लव देव ने थांगा को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि वह त्रिपुरा के एक असाधारण प्रतिभावान संगीत कलाकार है।


उन्होंने बांसुरी के माध्यम से पूर्वोत्तर की संस्कृति का विस्तार किया है। इसके अलावा 2014 में थांगा को उनके स्वदेशी संगीत संरक्षण में योगदान के लिए संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार भी प्रदान किया गया था।