कोरोना वैक्सीन आ गई है और इसका टीकाकरण भी दुनिया मे शुरू हो गया है। भारत देश की बात करें तो देश में आज से कोरोना टीकाकरण का शुभांरभ हो चुका है और स्वस्थ्य कर्मियों को टीका लगा भी दिया गया है। इसी के साथ कोवैक्सीन और कोविशिल्ड वैक्सीन भारत देश की वैक्सीन है। टीकाकरण के बाद किसी तरह के साइड इफेक्ट सामने नहीं आए हैं लेकिन नार्वे में बहुत ही खौफनाक मामला सामने आया है जहां फाइजर वैक्सीन को भी मंजूरी देने के बाद टीकाकरण किया गया तो इसके साइड इफेक्ट बहुत ही बुरे सामने आए हैं।

 
फाइजर का टीका प्राप्त करने के बाद नॉर्वे में कम से कम 23 लोगों की मौत होने का मामला सामने आया है। बता दें कि नॉर्वेजियन मेडिसिन एजेंसी द्वारा इसकी पुष्टि की गई थी। सभी 23 लोगों की मौत 80 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों में दर्ज की गई थी। अब तक, इनमें से 13 का मूल्यांकन किया गया है और सीधे कोविड-19 वैक्सीन के साइड-इफेक्ट से जुड़े पाए गए हैं। ये मामले चिंताजनक नहीं हैं। यह स्पष्ट है कि इस वैक्सीन में बहुत कम जोखिम कारक है, कुछ अपवादों के साथ जब यह उन बुजुर्ग रोगियों के लिए आता है।


फाइजर के कोविड-19 वैक्सीन शॉट प्राप्त करने के बाद बमुश्किल 3 सप्ताह के भीतर एक स्वस्थ मियामी डॉक्टर की मृत्यु हो गई। इसके अलावा, दो रोगियों एक स्विस राष्ट्रीय और एक इजरायली की मृत्यु फाइजर के कोविड -19 वैक्सीन शॉट्स होने के कुछ ही घंटों बाद हो गई। नॉर्वे ने दिसंबर 2020 के अंत तक वृद्ध नागरिकों के साथ सामूहिक टीकाकरण अभियान शुरू किया था जिसमें 85 वर्ष से अधिक उम्र के लोग, और स्वास्थ्य कार्यकर्ता शामिल थे। देश ने दुनिया को झकझोर देने वाले घातक मामलों की और फाइजर वैक्सीन की विस्तृत जांच शुरू की है।