पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस का पलड़ा भारी पड़ता नजर आ रहा है क्योंकि भाजपा के 21 विधायक पार्टी बदल सकते हैंं। इनमें 4 सांसद, 1 विधायक और 16 पार्षद शामिल हैं। सूत्रों कि मानें तो इनमें से अधिकतर टीएमसी से बीजेपी में शामिल हुए थे और अब ये घर वापसी की योजना बना रहे हैं। अगर यह सही है तो यह पश्चिम बंगाल बीजेपी के लिए विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा झटका साबित हो सकती है।
खबर है कि एक भाजपा सांसद जो दो बार सांसद रह चुके हैं और पश्चिम बंगाल से बताए जा रहे हैं। वह भी पिछले तीन महीनों से दिल्ली में टीएमसी नेताओं से संपर्क बनाए हुए हैं और टीएमसी में शामिल होने की इच्छा जता चुके हैं।
कई दिनों से दिलीप घोष के नेतृत्व पर सवाल उठ रहे हैं। यह भी कहा जा रहा है कि उनके सभी नेताओं के साथ सामंजस्य नहीं बिठा पा रहे हैं। इसी वजह से राज्य स्तर पर कोई फैसला लेने से पहले सबको विश्वास में नहीं ले पा रहे हैं।