राष्ट्रीय राजधानी में पिछले सप्ताह 20 वर्षीय एक महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म (delhi gang rape) का मामला सामने आने के बाद पुलिस हरकत में आई और दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। एक अधिकारी के मुताबिक, 13 नवंबर को पांडव नगर थाने में एक कॉल आई थी।

मयूर विहार फेज-1 (gang rape in Mayur Vihar Phase-1) में, जब पुलिस मौके पर पहुंची तो उन्हें दो महिलाएं मिलीं, जिन्होंने बताया कि उनमें से एक के साथ दो लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म (gang rape) किया। आरोपी ने एक नाबालिग के साथ मारपीट का भी प्रयास किया। सीआईसी के काउंसलर को सूचित किया गया कि पीडि़तों का बयान किसने दर्ज किया है।अधिकारी ने कहा, पीडि़तों की काउंसलिंग की गई है। इसके बाद दोनों को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया और आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (बलात्कार), 506 (आपराधिक धमकी के लिए सजा) और 34 (सामान्य इरादे से कई लोगों द्वारा किए गए कार्य) के तहत मामला दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई है।

पुलिस ने कई टीमों को तैनात किया और आरोपी को पकडऩे के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया। आरोपियों की पहचान दिल्ली के आचार्य निकेतन पटपडग़ंज निवासी नवल और दिल्ली के पांडव नगर निवासी नागेंद्र भट्टी के रूप में हुई है, जिन्हें बाद में शहर के यमुना खादर इलाके से गिरफ्तार किया गया। लगातार पूछताछ करने पर उन्होंने अपराध (gang rape accused) करना स्वीकार किया। अधिकारी ने कहा, जांच अभी भी जारी है। राष्ट्रीय राजधानी में महिलाओं के खिलाफ अपराध में पिछले साल के आंकड़ों की तुलना में लगातार वृद्धि हुई है। 

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) (NCB) द्वारा एक महीने पहले जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में देश के सभी महानगरों में महिलाओं के खिलाफ अपराधों की संख्या सबसे अधिक दर्ज की गई है। दिल्ली पुलिस द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार, चालू वर्ष में 31 अक्टूबर तक 1,725 महिलाओं के साथ कथित रूप से बलात्कार किया गया है। 2020 में इसी अवधि तक 1429 महिलाओं को हिंसा का सामना करना पड़ा था। पिछले साल की तुलना में अपराध में 20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। कुल मिलाकर, पिछले दस महीनों में राष्ट्रीय राजधानी में महिलाओं के खिलाफ अपराध में 45 प्रतिशत की भारी वृद्धि देखने को मिली है।