टैक्स डिडक्शन एट सोर्स (TDS)को लेकर सरकार ने नियमों में बदलाव किया है जिसके तहत पैन और आधार की जानकारी देने पर 20 फीसदी टीडीएस नहीं कटेगा।  नए नियमों के अनुसार अगर किसी एंप्लॉयी की सैलरी टीडीएस कटने लायक है और वह पैन या आधार की जानकारी शेयर नहीं करता है तो सैलरी से 20 पर्सेंट टीडीएस काटा जाएगा। 

सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (CBDT) के सर्कुलर में साफ-साफ कहा गया है कि नए नियम में आधार नंबर को भी शामिल किया गया है। पहले टैक्स संबंधी काम में केवल पैन को ही स्वीकार किया जाता था, लेकिन पिछले साल सरकार ने कहा कि अगर किसी के पास पैन कार्ड नहीं है तो वह टैक्स संबंधी काम में आधार का भी इस्तेमाल कर सकता है।

— नए निएम के तहत अगर किसी एंप्लॉयी की सैलरी 2.5 लाख तक है तो कोई टैक्स नहीं कटेगा। वर्तमान में 2.5 लाख तक इनकम टैक्स फ्री है और 2.5-5 लाख तक इनकम पर 5 फीसदी टैक्स लगता है।

— सभी तरह की छूट का फायदा उठाने के बाद अगर सैलरी 20 पर्सेंट टैक्सेबल स्लैब में आती है तो टीडीएस 20 फीसदी ही रहेगा। 5 लाख से 10 लाख तक इनकम पर 20 फीसदी टैक्स की दर है।

— अगर किसी की सैलरी 30 पर्सेंट टैक्स स्लैब में आती है और उसने पैन-आधार जमा नहीं किया है तो टीडीएस काटने से पहले ऐवरेज टैक्स की दर निकाली जाएगी। अगर ऐवरेज टैक्स रेट 20 फीसदी से ज्यादा होता है तो टीडीएस उसी दर से काटा जाएगा।

— पैन को आधार से लिंक करने की तारीख बढ़ाकर 31 मार्च 2020 कर दिया गया है। पैन-आधार लिंक नहीं करने पर क्या पैन अवैध हो जाएगा? इस मामले पर गुजरात हाईकोर्ट ने पिछले दिनों फैसला सुनाया कि पैन को आधार से लिंक नहीं करने पर किसी भी व्यक्ति का पैन नंबर निष्क्रिय नहीं होगा। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि अगर कोई व्यक्ति अपने पैन को आधार कार्ड से लिंक नहीं करता है तो उसे इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने या ट्रांजैक्शंस करने में पैन का इस्तेमाल करने से नहीं रोका जा सकता है। 

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