गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने मंगलवार को लोकसभा को सूचित किया कि जम्मू- कश्मीर के बाहर के दो व्यक्तियों ने अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद से केंद्र शासित प्रदेश में दो संपत्तियां खरीदी हैं।मंत्री ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तुत एक रिपोर्ट के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के बाहर के दो व्यक्तियों ने अगस्त 2019 से जम्मू-कश्मीर में दो संपत्तियां खरीदी हैं।

एक सवाल के जवाब में कि क्या जम्मू और कश्मीर में संपत्ति खरीदने के दौरान सरकार और अन्य राज्यों के लोगों को किसी भी कठिनाई या बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है? मंत्री ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश सरकार को अभी तक इस तरह की कोई सूचना नहीं मिली है। इससे पहले, जब अनुच्छेद 370 लागू था, केवल राज्य के निवासियों को जम्मू-कश्मीर में जमीन और अचल संपत्ति खरीदने की अनुमति थी। पिछले साल अक्टूबर में, केंद्र ने जम्मू-कश्मीर के बाहर के लोगों के लिए यूटी में जमीन खरीदने का मार्ग प्रशस्त किया।

एक गजट अधिसूचना में, केंद्र सरकार ने जम्मू और कश्मीर विकास अधिनियम की धारा 17 से राज्य के स्थायी निवासी वाक्यांश को हटा दिया, जो यूटी में भूमि के निपटान से संबंधित था। हालांकि, कुछ मामलों को छोडकऱ, संशोधन ने गैर-कृषकों को कृषि भूमि के हस्तांतरण की अनुमति नहीं दी। 5 अगस्त, 2019 को, केंद्र ने अनुच्छेद 370 और 35-ए को निरस्त कर दिया था और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों - जम्मू और कश्मीर और लद्दाख में विभाजित कर दिया था। जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक दल राज्य का दर्जा बहाल करने की कोशिश कर रहे हैं, जैसा कि केंद्र ने वादा किया था।