मणिपुर में बच्चा चोरी के आरोप में गिरफ्तार दो लोग नरभक्षी नहीं है। मीडिया में खबर आने के बाद गुरुवार को पुलिस ने स्पष्टीकरण जारी किया। कांगपोकपी एसपी हेमंत पांडेय के अनुसार सेकुला गांव में गिरफ्तार किए दोनों लोगों का इलाज चल रहा है। स्थानीय लोगों ने इस पर बच्चा चोरी और बच्चों का मांस खाने का आरोप लगाया था। 

बता दें कि सेनापति जिले में असम के रहने वाले दो लोगों पर बच्चों का अपहरण कर मांस खाने का आरोप लगा था। बीते कुछ दिनों से कुछ बच्चों के गायब होने के बाद पूरे इलाके को हाई अलर्ट पर रखे जाने के बाद आरोपियों का पता सेकुल के गांव वालों ने लगाया था। ग्रामीणों ने मंगलवार को दो लोगों की पहले पिटाई की और फिर पुलिस को सौंप दिया। 

एक अधिकारी ने कहा कि पुलिस के अनुसार प्राथमिक जांच से खुलासा है कि उन्होंने अब तक छह बच्चों का अपहरण किया है, जिनकी उन्होंने बाद में हत्या कर दी। पुलिस सूत्रों ने कहा कि असम के इस गैंग में छह हथियार बंद सदस्य थे। उन्होंने भाड़े पर हत्या की सेवाएं भी दी हैं। इनमें से चार बच निकले हैं। पुलिस ने पूछताछ में सहायता के लिए भाषा जानकारों से संपर्क किया है। दो आरोपी बुरी तरह से घायल हैं और अस्पताल में भर्ती हैं। सभी पुलिस थानों को चार भगोड़ों को लेकर अलर्ट पर रखा गया है।