जम्मू-कश्मीर पुलिस ने श्रीनगर जिले के बेमिना इलाके में हुई एक मुठभेड़ में एक पाकिस्तानी सहित प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े दो आतंकवादियों को ढेर कर दिया। पुलिस ने कहा कि आतंकवादियों की आवाजाही के बारे में पुलिस द्वारा उत्पन्न विशेष जानकारी पर कार्रवाई करते हुए श्रीनगर पुलिस ने जेवीसी बेमिना के पास एक विशेष नाका स्थापित किया था। पुलिस ने बताया कि ये आतंकी पहले सोपोर में एक मुठभेड़ से भाग गए थे और बेमिना इलाके में लगातार ट्रैक किए जा रहे थे।

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एक पुलिस अधिकारी ने कहा, नाका चेकिंग के दौरान दो संदिग्धों ने उक्त नाके के पास पहुंचते ही रुकने को कहा गया मगर उन्होंने उक्त नाका पार्टी पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। हालांकि, फायरिंग का प्रभावी ढंग से जवाब दिया गया, जिससे एक संक्षिप्त मुठभेड़ हुई। फायरिंग के शुरुआती आदान-प्रदान में पांच पुलिस कर्मियों को मामूली चोटें आईं और उन्हें चोटों के इलाज के लिए तुरंत अस्पताल ले जाया गया।अधिकारी ने कहा, मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए और उनके शव मुठभेड़ स्थल से बरामद किए गए हैं। दोनों मारे गए आतंकवादियों के कब्जे से दस्तावेजों सहित आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है।

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दोनों की पहचान पाकिस्तान के फैसलाबाद निवासी अब्दुल्ला गौरी और अनंतनाग निवासी आदिल हुसैन मीर उर्फ सूफियां उर्फ मुसाब के रूप में हुई है। पुलिस ने कहा, यहां यह उल्लेख करना उचित होगा कि मारा गया आतंकवादी आदिल हुसैन मीर वर्ष 2018 में वाघा से विजिट वीजा पर पाकिस्तान गया था। कश्मीर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक विजय कुमार ने मीडिया को बताया कि पाकिस्तान स्थित आतंकी आकाओं ने पहलगाम इलाके के निवासी आदिल हुसैन के साथ लश्कर के दो पाकिस्तानी आतंकवादियों को अमरनाथ यात्रा पर हमले करने के निर्देश के साथ भेजा था। हालांकि, तीनों आतंकवादी अब दो अलग-अलग मुठभेड़ों में मारे गए हैं- यानी एक सोपोर में और अन्य दो बेमिना में। 

आईजीपी, कश्मीर ने हाल ही में सोपोर मुठभेड़ में भागे आतंकवादियों को ट्रैक करने और उन्हें ढेर करने के लिए पुलिस की भूमिका की सराहना की। उन्होंने आगे कहा कि यह एक बड़ी सफलता है क्योंकि वे अमरनाथ यात्रा पर हमला करने की योजना बना रहे थे, हालांकि पुलिस द्वारा त्वरित और समय पर कार्रवाई के कारण दोनों आतंकवादियों का सफाया हो गया और इस तरह संभावित बड़े खतरे को टाल दिया गया। मुठभेड़ स्थल से दो एके-47 राइफल, 10 मैगजीन, 165 जिंदा कारतूस, वाई-एसएमएस डिवाइस, मैट्रिक्स शीट, पाकिस्तानी दवाएं आदि बरामद हुई हैं। बरामद सभी सामग्रियों को आगे की जांच और अन्य आतंकी अपराधों में उनकी संलिप्तता की जांच के लिए केस रिकॉर्ड में ले लिया गया है।