कर्नाटक में शिमोगा पुलिस के विशेष जांच दल ने इस्लामिक स्टेट आतंकी संगठन (आईएसआईएस) से संबंध रखने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है और एक आतंकवादी की तलाश जारी है। पुलिस ने बताया कि संदिग्ध आतंकवादियों के पास विस्फोटक थे और राज्य में विस्फोट को अंजमा देने की योजना बना रहे थे। 

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पुलिस ने शिमोगा के सिद्देश्वरनगर निवासी सैयद यासीन, मंगलुरु में सोप्पुगड्डे के थीर्थहल्ली निवासी शारिक और मज मुनीर के खिलाफ भारतीय दंड संहित की विभिन्न धाराओं और गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने सरगना यासीन को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया कि यासीन इलेक्ट्रिकल इंजीनियर है। भद्रावती के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) जितेंद्र को 15 अगस्त को प्रेमसिंह को छुरा घोंपने के मामले में जांच अधिकारी नियुक्त किया गया था। 

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जांच के दौरान जब डीएसपी ने आरोपी जबीउल्लाह का मोबाइल चेक किया तो उसके लगातार आतंकी संगठनों से संबंध होने की जानकारी सामने आई। शिमोगा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) बिन लक्ष्मी प्रसाद ने संदिग्धों की गिरफ्तारी पर टिप्पणी करते हुए कहा कि दोनों को आईएसआईएस के आरोप में गिरफ्तार किया गया है और सात दिन की पुलिस हिरासत में लिया गया है तथा उनसे पूछताछ की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि फरार एक अन्य व्यक्ति की तलाश की जा रही है। गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र ने कहा कि तीनों आतंकियों के आईएस से संबंध थे। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि गिरफ्तार किए गए लोगों की गतिविधियों के संबंध में गहन जांच की जा रही है। शिमोगा जिले के निवासी ज्ञानेंद्र ने कहा कि गिरफ्तार किए गए लोगों में से एक का संबंध पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठनों से था। तीर्थहल्ली के अंडरवल्र्ड संदिग्ध मतीन को फरार हुए दो साल बीत चुके हैं। उसका सुराग अभी नहीं लगा है। ऐसा पता चला कि यह शख्स तीर्थहल्ली में सैटेलाइट फोन का इस्तेमाल करता था। पुलिस ने उसके बारे में जानकारी देने वालों को 10 लाख का इनाम देने की घोषणा की गई है। मतीन पर तमिलनाडु में एक हिंदू कार्यकर्ता की हत्या का भी आरोप है।