श्रीनगर। श्रीनगर की एक अदालत ने जून 2017 में ऐतिहासिक जामिया मस्जिद परिसर में पुलिस उपाधीक्षक की पीट-पीट कर हत्या करने के मामले में 17 आरोपियों को जमानत दे दी है। नौहट्टा इलाके में मस्जिद के बाहर भीड़ ने पुलिस उपाधीक्षक मोहम्मद अयूब पंडित कीउस समय पीट-पीटकर हत्या कर दी जब लोग शब-ए-कद्र (शक्ति की रात) के लिए एकत्र हुए थे। घटना के तुरंत बाद, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मामले की जांच के लिए एक अधीक्षक के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। 

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इस मामले में कम से कम 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एम एस मन्हास ने बुधवार को अपने 81 पन्नों के आदेश में कहा कि आरोपियों को अपराध से जोडऩे के लिए न तो कोई प्रत्यक्ष और न ही कोई ठोस सबूत है। अदालत ने कहा, 'मौजूदा मामले में सुनवाई के दौरान दर्ज गवाहों के बयान सहित रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री का अध्ययन करने के बाद यह मानने के लिए कोई उचित आधार नहीं है कि आरोप पत्र में आरोपित आरोपी अपराध के दोषी हैं।'

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अदालत ने कहा, 'पूर्वगामी कारणों से, मेरी राय है कि अभियुक्तों की जमानत स्वीकार करने के लिए पर्याप्त कारण है।' अदालत ने सभी आरोपियों को दो जमानतदारों के साथ दो-दो लाख रुपये का जमानती मुचलका भरने का भी आदेश दिया। अदालत ने अभियुक्तों पर कई शर्तें भी लगाईं जिनमें यह भी शामिल है कि वे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से अभियोजन पक्ष के गवाहों को प्रेरित नहीं करेंगे और बिना पूर्व अनुमति के इस अदालत के क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र को नहीं छोड़ेंगे।