केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पिछली मानसूनी बाढ़ के दौरान त्रिपुरा सरकार द्वारा स्थापित किए गए राहत शिविर के खर्च के लिए 269 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं, राज्य सरकार ने हालांकि 1500 करोड़ रुपए की मांग की थी । पिछले साल राज्य के चार जिले तीन बार गंभीर रूप से प्रभावित हुए थे, इन जिलों में पर सरकारी इमारते, सड़कें तटबंध और फसलों को काफी क्षति हुई थी । 

राज्य सरकार ने 1500 करोड़ रूपए की हानि होने का आकलन किया था । मुख्यमंत्री विप्लव कुमार देव ने व्यवितगत तौर पर स्थिति नियंत्रित करने के लिए सहायता राशि मंजूर करने का केंद्र सरकार पर दबाव डाला था । गृह मंत्रालय ने मांग से कम 268.63 करोड़ रुपए ही मंजूर किए जो राज्य के सरकार के लिए परेशानी का सबब है।