पश्चिम बंगाल के मैदानी इलाके कलिम्पोंग में शनिवार को उस समय तनाव बढ़ गया जब गोरखा जनमुक्ति मोर्चा(जीजेएम) प्रमुख विमल गुरुंग के सैंकड़ों कार्यकर्ताओं ने सिक्किम से लगे सदाम में कथित रूप से गोलीबारी में मारे गए एक कार्यकर्ता के शव को लेकर रैली निकाली। 

इस बीच पृथक गोरखालैंड की मांग को लेकर दार्जिलिंग हिल्स में अनिश्चितकालीन बंद शनिवार को 82वें दिन में प्रवेश कर गया। दुकानें और व्यावसायिक संस्थान तथा कार्यालय लगातार बंद रहने के कारण यहां आम जनजीवन पंगु सा हो गया है। 

दूसरी तरफ पुलिस ने 14 जीजेएम नेताओं को गिरफ्तार कर लिया। इन नेताओं को फंसीदेवा थाने में रखा गया है और उन्हें सिलीगुड़ी की अदालत में पेश किया जाएगा। 

गिरफ्तार नेताओं में पूर्व कुर्सियोंग नगरपालिका प्रमुख कृष्ण प्रधान तथा नोरमन थापा भी शामिल हैं। नोरमन पर हाल में कलिम्पोंग वन विश्रामगृह में आग लगाने का आरोप है।

इस बीच क्षेत्र के आम लोगों ने जीजेएम के सहायक महासचिव विनय तमांग की उस अपील को ठुकरा दिया है जिसमें आगामी 12 सितम्बर को सिलीगुड़ी में आयोजित सरकार-प्रायोजित बैठक के होने तक 12 दिनों के लिए हड़ताल स्थगित रखे जाने के लिए कहा गया था। 

एक नए घटनाक्रम के तहत पृथक गोरखालैंड संघर्ष की आंच ने पड़ोसी राज्य सिक्किम को भी अपनी लपेट में ले लिया है। गंगटोक से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक सिक्किम पुलिस ने पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा कथित अनधिकृत हस्तक्षेप को लेकर कलिम्पोंग जिला पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह और उनकी पुलिस टीम के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत मामला दर्ज किया है। 

सिक्किम पुलिस ने पश्चिम बंगाल पुलिस को छह जीजेएम नेताओं को अपनी हिरासत में लिये जाने से भी यह कहते हुए रोक दिया कि वह अपने अधिकार-क्षेत्र का उल्लंघन कर रही है जिन्हें दक्षिणी सिक्किम में नामची के समीप मजितार से गिरफ्तार किया गया था। 

इसके साथ ही कथित रूप से कलिम्पोंग थाने के तीन पुलिस वाहनों को भी जब्त कर लिया गया है। एक ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि गिरफ्तार छह जीजेएम नेताओं को पश्चिम बंगाल पुलिस सिक्किम की अदालत के निर्देश के बाद ही अपने अधिकार में ले सकती है।