त्रिपुरा के विभिन्न क्षेत्र में चुनाव के बाद हुई हिंसा में एक 80 वर्षीय महिला सहित कम से कम 13 लोग घायल हो गए। राज्य में पिछले दो दिनों में तीन घरों और एक रबर गोदाम को जला दिया गया। चुनाव के बाद हुई इस हिंसा के लिए माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एक-दूसरे पर हिंसा करने का आरोप लगाया और थाने में शिकायतें दर्ज कराई। अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी की सूचना नहीं है।


दक्षिण त्रिपुरा के सेपाहिजला, पश्चिम त्रिपुरा तथा खोवाई जिले में शांति बहाली के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया है। खोवाई से भाजपा उम्मीदवार अमित रक्षित ने सत्तारूढ़ माकपा के कार्यकर्ता विपक्षी कार्यकर्ताओं पर हमला कर रहे हैं और उन्हें फोन तथा सोशल मीडिया पर धमकी दे रहे हैं लेकिन पुलिस उन अपराधियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। उधर, माकपा ने आरोप लगाया है कि भाजपा उम्मीदवार जितेंद्र मजुमदार के निर्देश पर उदयपुर के काक्रबन क्षेत्र मिर्जा में माकपा कार्यकर्ताओं पर हमला किया गया, जिसमें कई माकपा कार्यकर्ता घायल हो गए। पार्टी ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।


जिला प्रशासन के मुताबिक सीमावर्ती कमालपुर उप-मंडल हिंसक गतिविधियों का गढ़ बन गया है। उल्लेखनीय है कि मतदान के दिन से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) तथा माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प जारी है। क्षेत्र में अचानक हिंसा में बढ़ोतरी से पुलिस प्रशासन की दिक्कतें बढ़ गयी हैं। कल रात पुलिस ने एक उच्च माध्यमिक परीक्षार्थी को पकड़ा। परीक्षार्थी का पिता भाजपा से स्थानीय पंचायत का प्रमुख है। वह अपने बेटे की बिना शर्त रिहाई की मांग को लेकर अन्य भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर थाने के समक्ष प्रदर्शन करने गया। हालात को देखते हुए पुलिस ने परीक्षार्थी को रिहा कर दिया गया। स्थानीय लोगों ने तनावग्रस्त माहौल के लिए पुलिस को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि अगर पुलिस सही समय पर कार्रवाई करती तो इतना बुरा हाल नहीं होता।