आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh flood) और तमिलनाडु (Tamil Nadu flood) में लगातार बारिश के बाद हालात बेकाबू हो ते जा रहे हैं। आंध्र प्रदेश के वाईएसआर कडप्पा जिले में कम दबाव का क्षेत्र बनने के कारण हुई भारी बारिश और बाढ़ की वजह से 12 लोगों की मौत हो गई है तथा कई अन्य लापता हैं। वायुसेना, एसडीआरएफ (NDRF) और अग्निशमन सेवाओं के कर्मियों ने बाढ़ में फंसे कई लोगों को बचाया। 

आंध्र प्रदेश के खराब हालात देखते हुए पीएम मोदी (PM Modi) ने सीएम वाई एस जगनमोहन रेड्डी (YS Jaganmohan Reddy) से बात की है और उन्हें मदद का आश्वासन दिया। वहीं सबरीमाला मंदिर (Sabarimala Temple) भी एक दिन के लिए बंद कर दिया है। पुलिस ने बताया कि जिले के राजमपेट डिवीजन के नंदलुरु, मंडवल्ली और आकापाडु गांवों में बाढ़ के पानी में एपीएसआरटीसी की तीन बसें फंस गईं। चेयुरु जलाशय के टूटने के कारण बाढ़ का पानी सडक़ों पर भर गया था, जिसमें ये बसें डूब गईं। एक बस में सवार कुछ यात्री बाढ़ के पानी में बहते पाए गए। जिसके बाद गुडलुरु गांव में सात शव निकाले गए, रायवरम गांव में तीन शव निकाले गए और मदनपल्ले गांव में दो शव निकाले गए। 

अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे है कि वे बस के यात्रियों के शव हैं या आसपास के ग्रामीणों के। दमकल कर्मियों ने अन्य दो बसों के यात्रियों को बचा लिया। पुलिस ने बताया कि मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है क्योंकि कुछ अन्य अब भी लापता हैं। तमिलनाडु और केरल में भी भारी बारिश (Heavy rain in Tamil Nadu and Kerala) से लोगों का जीवन मुश्किल में पड़ गया है। तमिलनाडु के वेल्लोर जिले में भारी बारिश के बीच एक घर गिरने से चार बच्चों समेत नौ लोगों की मौत हो गई। राज्य में लगातार हो रही बारिश से भारी नुकसान हो रहा है।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री रेड्डी ने भारी बारिश के कारण जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और अधिकारियों को मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान करने का निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भारी बारिश से प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद करेगी। केरल में हो रही भारी बारिश (Heavy rain in Kerala) का असर अब श्रद्धालुओं को भी देखने को मिलेगा। भारी बारिश के कारण पठानमथिट्टा जिले के सबरीमाला पहाड़ी में प्रसिद्ध अयप्पा मंदिर की तीर्थयात्रा स्थगित कर दी गई। जिले में भारी बारिश और पंबा सहित प्रमुख नदियों में जल स्तर बढ़ गया है जिसे देखते हुए यह कदम उठाया गया।