झारखंड में एक ऐसी दर्दनाक घटना हुई है जिसको लेकर हर कोई हैरान है। यहां पर एनएच-33 पर एमजीएम थाना क्षेत्र के पीपला डैम में ऊपर से गुजर रहा 11 हजार वोल्ट का बिजली तार रविवार दोपहर टूटकर गिर गया। इस दौरान डैम में नहा रही एक बुजुर्ग महिला सहित चार बच्चों की करंट लगने से मौत हो गई। डैम में ही नहा रहे सचिन महतो नामक युवक को लोगों ने किसी तरह बचा लिया। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने एनएच-33 को जाम कर दिया। लोग बिजली विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई और मुआवजे की मांग पर प्रदर्शन करने लगे। दोपहर एक बजे से दोपहर तीन बजे तक दोनों तरफ से वाहनों की आवाजाही ठप रही।

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस पहुंची। सिटी एसपी सुभाषचंद्र जाट ने ग्रामीणों को समझाकर बुझाकर सड़क जाम खुलवाया और वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई। ग्रामीणों की तरफ से जिला परिषद सदस्य पिंटू दत्ता प्रतिनिधित्व कर रहे थे। पुलिस और ग्रामीणों के बीच मध्यस्थता भी कर रहे थे।

इन लोगों की हुई मृत्यु
मृतकों में पीपला गांव की कुलाबेला महतो (65), कमल महतो (15), बिमल महतो (12)  और रोहित महतो (13) शामिल हैं।  कमल और विमल सगे भाई थे। इनकी मौत से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। एक मवेशी की भी करंट की चपेट में आने से मौत हुई है।

ग्रामीणों ने बताया कि कई दिनों से पोल और तार की स्थिति जर्जर है। कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों से तार मरम्मत करने की मांग की गई, लेकिन उनकी बात किसी ने नहीं सुनी। ग्रामीणों ने कहा कि डैम में तार गिरने के तुरंत बाद बिजली विभाग को फोन किया गया, लेकिन करीब 20 मिनट बाद बिजली सप्लाई काटी गई। तबतक सभी की मौत हो चुकी थी। वे लोग सभी को इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि डैम के पास सौ मीटर के तार में तीन जगह पर जोड़ थे, जिसे ग्रामीण काफी दिनों से दुर्घटना की आशंका जता रहे थे। डैम पर दिन भर ग्रामीण नहाते रहते हैं।

मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना था कि जबतक बिजली विभाग के अधिकारी नहीं आएंगे, तब तक वे वाहनों की आवाजाही नहीं होने देंगे। ग्रामीण किसी की सुनने को तैयार नहीं थे। तब सिटी एसपी सुभाषचंद्र जाट ने कड़ा रुख अखित्यार करते हुए अंचलाधिकारी की गाड़ी में बैठकर माइक संभाला और लोगों को चेतावनी दी कि वे वाहनों की आवाजाही न रोकें। कुछ ऑक्सीजन के टैंकर भी फंसे हैं। उन्हें रोकना उचित नहीं होगा। आप सभी लोग सड़क खाली कर दें। इतना कहने के बाद पुलिस जवानों को एक कतार बनाकर आगे बढ़ने की इजाजत दे दी। इसके बाद ग्रामीण धीरे-धीरे सड़क खाली करने लगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि जबतक मुआवजे पर फैसला नहीं हो जाता, वे भी ग्रामीणों के साथ खड़े रहेंगे।

ग्रामीणों ने बताया कि गांव के प्रत्येक घर की महिलाएं सामूहिक रूप से नहाने जाने वाली थीं। गांव में किसी का निधन होने के बाद रीति-रिवाज के तहत महिलाएं नहाने जाने वाली थीं। डैम पर जाने के लिए महिलाएं तैयार हो रही थीं, तभी तार टूटने की खबर आ गई।

सांसद विद्युतवरण महतो ने करंट से मरने वाले मृतकों के परिजनों को 10-10 हजार रुपये तत्काल मुआवजा दिया, ताकि वे अंतिम संस्कार कर सकें। उन्होंने हरसंभव मदद करने का आश्वासन भी दिया।

एसएसपी एम. तमिल वाणन, सिटी एसपी सुभाष चंद्र जाट, डीएसपी पटमदा सुमित कुमार, एमजीएम थाना प्रभारी मिथलेश कुमार, उलीडीह थाना प्रभारी मेघनाथ मंडल, आजादनगर थाना प्रभारी नरेश सिन्हा, बिरसानगर थाना प्रभारी तरुण कुमार के अलावा क्यूआरटी की टीम मौके पर पहुंची।