मध्यप्रदेश के इंदौर जिले की विशेष न्यायालय ने सोमवार को स्टुडेंट स्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के ग्यारह आंतकियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। जिला न्यायालय के विशेष न्यायधीश बी के पालोदा की अदालत ने सिमी आंतकवादी सफदर नागौरी समेत ग्यारह आंतकियों को उम्रकैद की सजा सुनाई।

इस दौरान जमानत पर रिहा मुनरोज भी उपस्थित था और अदालत परिसर में भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। जिला लोक अभियोजक विमल कुमार मिश्रा ने बताया कि इससे पूर्व सिमी आतंकी समेत 11 आरोपियों का बयान जिला अदालत में 23 फरवरी को पूरे हो गए थे।

उस दिन सुबह 11 बजे से शाम करीब पांच बजे तकलगाता सुनवाई हुई थी। बंद कमरे में अदालत ने सभी आरोपयों से अलग-अलग करीब तीन सौ से अधिक सवाल पूछे थे। मिश्रा ने बताया कि मार्च 2008 में मध्यप्रदेश के धार जिले के पीथमपुर स्थित आर्क फैक्टरी के समीप सिमी आंतकियों की गतिविधियों की गुप्त जानकारी मिलने पर पुलिस ने कार्रवाई की थी, लेकिन इस कार्रवाई में पुलिस को एक भी आतंकी हाथ नहीं लगा।

कुछ ही दिन बाद धार और इंदौर पुलिस ने संयुक्त रूप से इंदौर थाना क्षेत्र के सैफी नगर के श्याम नगर स्थित गफ्फार खां बेकरीवाले के यहां छापमार कर भारी मात्र में हथियार और विस्फोटक बरामद कर 13 कुख्यात आंतंकवादियों को गिरफतार किया था।