कोरोना वायरस के संक्रमण से वैश्विक बाजार हलकान हैं और इसका असर भारतीय शेयर बाजारों पर भी दिख रहा है। कोरोना से दुनियाभर की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा है। सेंसेक्स में 3100 अंकों और निफ्टी में 900 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। इसे वैश्विक महामारी घोषित किए जाने के एक दिन बाद घरेलू शेयर बाजारों में अभी तक की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट देखने को मिली। बीएसई के 30 शेयरों वाले संवेदी सूचकांक सेंसेक्स एक समय 3,204.30 अंक तक गोता लगाया गया था।

कारोबार की समाप्ति पर यह 2,919.26 अंक यानी 8.18 प्रतिशत की गिरावट के साथ 32,778.14 अंक पर बंद हुआ। एनएसई के निफ्टी  में भी भारी गिरावट रही। निफ्टी 868.25 अंक यानी 8.30 प्रतिशत गिरकर 9,590.15 अंक पर बंद हुआ। यह घरेलू शेयर बाजारों की अंकों के आधार पर इतिहास की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट है।
रोचक बात तो ये है कि घरेलू शेयर बाजारों ने अंकों के आधार पर सबसे बड़ी गिरावट का नया रिकॉर्ड इसी सप्ताह में बनाया था।

हालिया उच्च स्तर की तुलना में बीस प्रतिशत से अधिक की गिरावट आ चुकी है। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने इसी साल 14 जनवरी को अपने सर्वकालिक उच्च स्तर को छुआ था। शेयर बाजारों की इस भारी गिरावट से बीएसई में निवेशकों को एक ही दिन में 11,27,160.65 करोड़ रुपए की चपत गई है। बीएसई की कंपनियों का सम्मिलित बाजार पूंजीकरण  1,25,86,398.07 करोड़ रुपए पर आ गया। मुकेश अंबानी की कंपनी में भी आठ प्रतिशत से अधिक गिरावट देखी गई।

जानकारी के लिए बता दें कि कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो की पत्नी के भी कोरोना वायरस से पीड़ित होने की पुष्टि हुई है। भारत में कोरोना के संदिग्ध की मौत का मामला भी सामने आया है। देश में अबतक 76 कन्फर्म मामले सामने आ चुके हैं। खतरे को देखते हुए भारत ने पूरी दुनिया से खुद को अलग कर लिया है। भारत सरकार ने दुनिया के किसी भी देश से आने वाले लोगों का वीजा 15 अप्रैल तक सस्पेंड कर दिया है। इस बीच कोरोना संक्रमण के लक्षण दिखने के बाद ब्राजील के राष्ट्रपति का भी टेस्ट किया जा रहा है।