लोग सेक्स पावर बढ़ाने और पार्टनर को खुश करने के लिए वियाग्रा दवा लेते हैं। मगर यहां आपको जानकर हैरानी होगी कि ब्रिटेन में बड़ी संख्या में बुजुर्ग इसका इस्तेमाल कर रहे हैं।

 कोरोना काल में सेक्स पावर के लिए ब्रिटेन में रिकॉर्ड संख्या में 80 साल से अधिक उम्र वाले लोग वियाग्रा जैसी दवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। वियाग्रा दवा लेने वालों में एक शख्स की उम्र 102 साल भी है। पिछले पांच साल में वियाग्रा जैसी दवाओं के लिए प्रिस्क्रिप्शन 42 फीसदी तक बढ़ गए हैं।

द सन वेबसाइट की खबर के मुताबिक, पिछले साल 80 साल के उम्र वाले लोगों को वियाग्रा जैसी दवाओं के लिए 180,000 प्रिस्क्रिप्शन जारी किए गए थे। वहीं, 90 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग के लिए 5 हजार वियाग्रा दवा के लिए प्रिस्क्रिप्शन जारी किए गए थे। इनमें कुछ इरेक्टाइल डिसफंक्शन में इस्तेमाल हुईं तो कुछ सेक्स के लिए।

आंकड़ें बताते हैं कि हाल के दिनों में वियाग्रा दवा लेने वालों की लिस्ट में सिर्फ 102 साल का एक ही बुजुर्ग नहीं है, बल्कि 99, 100 और 101 साल की उम्र वाले बुजुर्ग भी हैं, जिन्होंने सेक्स के लिए इस दवा का सेवन किया है। पिछले साल इन दवाओं के प्रिस्क्रिप्शन की संख्या 4.4 मिलिनय थी, जिसकी कीमत करीब 21.3 मिलियन डॉलर है। 

केंट यूनिवर्सिटी में समाजशास्त्र के प्रोफेसर फ्रैंक फुरेडी ने कहा कि मुझे हैरानी नहीं है कि 80 से अधिक उम्र वाले पुरुषों की संख्या अब तक के उच्चतम स्तर पर है, जो सेक्स लाइफ की समानता बनाए रखने के लिए वियाग्रा का उपयोग कर रहे हैं। ब्रिटेन में सिल्डेनाफिल दवा सबसे लोकप्रिय है, जो वियाग्रा के नाम से जानी जाने वाली दवा का सामान्य नाम है।

हालांकि, इन आंकड़ों में इरेक्टाइल डिसफंक्शन से निपटने में रोगियों की मदद करने के लिए इंग्लैंड में दिए गए वियाग्रा के प्रिस्क्रिप्शन भा शामिल हैं। बता दें कि इरेक्टाइल डिसफंक्शन यानी नपुसंकता उस यौन संबंधित रोग को कहते हैं जो इंसान के शरीर में वीर्य कम या खत्म हो जाता है और इसी कारण वह संतान की प्राप्ति नहीं कर सकता । इसे स्तंभन दोष भी कहा जाता है।