कोरोना वायरस के प्रकोप से बचने के लिए पूरे देश में लॉकडाउन है, इस दौरान अपने घर लौट रही एक छात्रा से 10 युवकों ने गैंगरेप को अंजाम दिया। घटना झारखंड के दुमका की है। यहां लॉकडाउन के दौरान इंसानियत को शर्मनाक कर देने वाली इस वारदात को अंजाम दिया गया।


लॉकडाउन के बाद अपने गांव लौट रही कक्षा 12 में पढ़ने वाली एक 16 वर्षीय छात्रा से 10 युवकों ने गैंगरेप किया और फिर जंगल में मरने के लिए छोड़ दिया। रातभर छात्रा जंगल में बेहोश पड़ी रही, जब सुबह उसे होश आया तो घिसटती हुई सड़क पर पहुंची। घटना 24 मार्च की है। यह गोपीकांदर के गड़ियापानी जंगल में हुई।


किशोरी घिसटते हुए गोपीकांदर थाना पुलिस पहुंची, तब इस घटना ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया। छात्रा ने पुलिस को बताया कि लॉकडाउन के बाद उसने अपने एक दोस्त से घर जाने के लिए मदद मांगी थी। इस दोस्त ने अपने एक दोस्त के साथ मिलकर पहले उसका रेप किया, इसके बाद मरने के लिए छोड़ दिया। फिर वहां आठ अन्य युवक और पहुंचे तथा इन सबने छात्रा के साथ गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया।


गोपीकांदर प्रखंड क्षेत्र की रहने वाली छात्रा दुमका के शिवपहाड़ में किराए के मकान में रहकर वहीं के एक कॉलेज से 12वीं की पढ़ाई कर रही है। जब लॉकडाउन के कारण कॉलेज बंद हो गया और वाहन भी नहीं चल रहा था तो छात्रा 24 मार्च को अपनी एक सहेली के साथ स्कूटी से निकली। उसकी सहेली ने गोपीकांदर के कारूडीह मोड़ के पास उसे छोड़ा।


किशोरी के अनुसार, कारूडीह पहुंचने से पहले उसने अपने परिजनों को फोन किया था। जब शाम होने तक परिजन नहीं पहुंचे तो उसने अपने एक दोस्त विक्की उर्फ प्रसन्नजीत हांसदा को फोन कर मदद के लिए बुलाय। छात्रा का दोस्त गोपीकांदर प्रखंड के दड़ंगखरौनी का रहने वाला है। बाइक लेकर उसका दोस्त कारूडीह मोड़ पहुंचा।


वह युवक एक दोस्त को भी लेकर आया था। इसके बाद उन दोनों ने छात्रा को बाइक पर बिठाकर घर जाने के रास्ते की बजाय दूसरे कच्चे रास्ते पर ले गए। छात्रा ने जब दोस्त से रास्ते के बारे में पूछा तो उसने कहा कि रास्ते पर चेकिंग चल रही है, इसलिए वह उसे कच्चे रास्ते से लेकर निकाल ले जाएगा। फिर कुछ दूर जाकर विक्की ने सुनसान जंगल के पास बाइक रोका और कहा कि उसे शौच लगी है।


छात्रा अज्ञात दोस्त के साथ काफी देर तक सूनसान जंगल में अकेले खड़ी होकर अपने दोस्त का इंतजार करती रही। तब एक बार फिर विक्की वापस आया और अपने दोस्त के साथ मिलकर उसके साथ रेप किया। इसके बाद आठ अन्य युवक नकाब पहने आए और जान से मारने की धमकी देकर चाकू की नोक पर बारी-बारी से उसके साथ गैंगरेप किया।


सामूहिक दुष्कर्म के दौरान ही छात्रा बेहोश हो गई थी, लेकिन दरिंदों ने उसे छोड़ा नहीं। गैंगरेप करने के बाद दरिंदे छात्रा को बेहोशी की हालत में सूनसान जंगल में छोड़कर भाग गए। रातभर छात्रा बेसुध जंगल में ही पड़ी रही। इसके बाद दूसरे दिन की सुबह जब उसे होश आया तो वह जंगल से किसी तरह रेंगते हुए सड़क पर आई।


इसके बाद आस-पास गुजर रहे ग्रामीणों ने उसे देखा, फिर छात्रा के परिजनों को सूचित किया। घटना सुनकर घर वालों के होश उड़ गए। इसके बाद लॉकडाउन में किसी तरह मां, पिता एवं भाई वहां पहुंचे और छात्रा को उठाकर घर लाए। छात्रा के भाई ने गोपीकांदर थाना की पुलिस को फोनकर घटना के बारे में सूचित किया। जिसके बाद गोपीकांदर थाना की पुलिस ने छात्रा को दुमका मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया।