अगर आप भी प्राइवेट सेक्टर में काम करते हैं तो आपके के लिए अच्छी खबर है। सरकार ग्रैच्युटी के लिए समय-सीमा कम करने पर विचार कर रही है। प्रस्ताव पर सहमति बन गई तो एक साल बाद नौकरी छोड़ने वाला या निकाला जाने वाला कर्मचारी भी ग्रैच्युटी का हकदार होगा। 

5 साल की नौकरी पूरी करने पर ही कर्मचारी ग्रैच्युटी के योग्य होता है।मंत्रालयों से जल्द ही हरी झंडी मिलने की उम्मीद है। पेमेंट ऑफ ग्रैच्युटी ऐक्ट में भी संशोधन जल्द ही होगा। इससे संबंधित प्रस्ताव दूसरे मंत्रालयों को भेजा जा चुका है।

बता दें कि इससे पहले सरकार ने सिफारिश की थी कि प्राइवेट सेक्टर में काम कर रहे लोगों को भी केंद्रीय कर्मचारियों की तरह ही अधिकतम 20 लाख रुपए तक ग्रैच्युटी मिले।