बैंकिंग फ्रॉड में आजकल नए-नए तरीके अपनाए जा रहे हैं। यह हो सकता है कि आपके पास बैंक की ओर से कोई ओटीपी नहीं आए और कई बार में आपके बैंक खाते से पेटीएम के जरिए पैसे कट जाएं फिर जब आप बैंक के पास जाएं तो बैंक कहेगा गलती आपकी है क्योंकि आपने किसी को अपनी डिटेल दे दी है।

मुंबई के एक यस बैंक के कस्टमर शहाब शेख के साथ कुछ ऐसा ही हुआ है। शहाब शेख को यस बैंक से फोन आया और उनसे कहा गया कि आपने पेटीएम के जरिए बैंक खाते से पैसा ट्रांसफर किया है। यह सुनकर शहाब शेख दंग रह गए। दरअसल उनका कोई पेटीएम अकाउंट नहीं है और इंटरनेट बैंकिंग का इस्तेमाल भी वह नहीं करते हैं।

हैरानी इस बात की भी थी कि शहाब शेख को न तो कोई ओटीपी और न ही बैलेंस से जुड़ा कोई मैसेज मिला जबकि उनके खाते से 11 जुलाई से 16 जुलाई तक 11 बार पेटीएम के खाते में पैसे भेजे गए। कुल 42,368 रुपए भेजे गए।

शहाब ने जब इस बार में बैंक को कहा तो उन्होंने शुरू में तो कह दिया कि पैसे कुछ दिन में मिल जाएंगे लेकिन बाद में बैंक ने यह कहा कि गलती उनकी ही है क्योंकि उन्होंने ही किसी को अपनी सारी बैंक डिटेल दे दी। शहाब ने अब अपनी शिकायत पुलिस में दर्ज कराई है। पुलिस ने इस संबंध में बैंक को पत्र लिखा है कि वह जानकारी मुहैया कराए।

दरअसल इस तरह की कई घटनाएं सामने आ रही हैं। आरबीआई हमेशा इस बारे में समय- समय पर सावधान करता रहता है। जानकारों का कहना है कि इंटरनेट बैंकिंग या मोबाइल बैंकिंग का इस्तेमाल करते हुए बहुत सावधानी बरतनी चाहिए। 

किसी को भी कभी क्रेडिट या डेबिट कार्ड की डिटेल्स नहीं देनी चाहिए।

पब्लिक वाई-फाई या इंटरनेट नेटवर्क से कभी बैंकिंग ट्रांजैक्शन नहीं करनी चाहिए।

बैंकिंग खाते को हमेशा मोबाइल नंबर के साथ अपडेट करना चाहिए और बैंकिंग डिटेल्स जैसे डेबिट कार्ड की सीवीवी, नंबर या पिन मोबाइल में नहीं रखना चाहिए।

अगर आप कोई पेमेंट एप इस्तेमाल कर रहे हैं तो बहुत सतर्क रहें। पेमेंट एप को बहुत ज्यादा अधिकार न दें।

सबसे अच्छा यह रहेगा कि ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के लिए एक अलग खाता रखें और उसमें चार या पांच हजार से ज्यादा का कैश न रखें। अपने मेन बैंक अकाउंट को इंटरनेट से लिंक ही न करवाएं।