त्रिपुरा के राज्यपाल तथागत रॉय और मुख्यमंत्री विप्लव कुमार देव ने सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक के के शर्मा से सीमा सुरक्षा, विशेष तौर पर त्रिपुरा-बंगलादेश सीमा से संबंधित मुद्दों पर बातचीत की, जिसमें सीमा पर होने वाले अपराधों को रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों का मुद्दा शामिल है। अधिकारियों के अनुसार देव ने सुरक्षा बल के प्रमुख से कहा कि सीमा पर नशीली दवाइयों की तस्करी और अवैध व्यापार के विरुद्ध कार्रवाई और तेज कर दें, क्योंकि सरकार का ध्येय त्रिपुरा को नशीली दवाई मुक्त राज्य बनाना है। 

सीमा की सुरक्षा में सीमा सुरक्षा बल की भूमिका की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि बल के जवानों ने कई मामलों में सीमा पर तस्करी और नशीली दवाई के विरोध में पुलिस के साथ मिलकर कार्रवाई की है, जिससे पिछले तीन-चार महीनों में इस तरह वारदातों में कमी आई है। उन्होंने कहा, हम अंतरराष्ट्रीय सीमा के साथ शांतिपूर्ण जीवन चाहते हैं और भारतीय नागरिकों को अपने जीवन या जीवनचर्या को बनाए रखने में किसी तरह के डर का भाव नहीं आना चाहिए।

उन्होंने कहा कि किसान जिन्हें खेती के लिए तारबंदी से बाहर जाना पड़ता है या जो तारबंदी से बाहर रह रहे हैं, उन्हें सीमा सुरक्षा बल की ओर से किसी तरह की समस्या नहीं आनी चाहिए। उन्होंने व्यापार, संस्कृति, पयर्टन के क्षेत्र में भारत- बंगलादेश के संबधों को मजबूत बनाने पर फिर जोर दिया। अपनी दो दिवसीय यात्रा में शर्मा ने स्थिति के आकलन के लिए, उत्तर त्रिपुरा के पानिसगर सेक्टर के मुख्यालयों की सीमा चौकियों का मुआयना किया। इस संदर्भ में सीमा सुरक्षा बल के महानिरीक्षक, त्रिपुरा फ्रंटियर, फ्रंटियर के अभियान कमांडर और अधिकारियों के साथ बैठक की और सीमा सुरक्षा स्थितियों की समीक्षा की। बैठक में महानिदेशक ने सीमा की निगरानी के लिए प्रौद्योगिकी का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने पर बल देते हुए कहा कि इससे बल की ताकत में इजाफा होगा। सुरक्षा के लिए तकनीकी का अधिक से अधिक इस्तेमाल किया जाना चाहिए। 

उन्होंने कहा कि इससे सीमा सुरक्षा बल के जवानों को सीमा की निगरानी करने और शांति बनाए रखने में मदद मिलेगी। महानिदेशक ने अधिकारियों,अधीनस्थ अधिकारियों एवं अन्य ओहदे के कर्मियों के साथ सैनिक सम्मेलन की अध्यक्षता की जिसमें उन्होंने सीमा सुरक्षा बल के जवानों की बेहतर स्वास्थ्य और खुशहाल जीवन पर बल देते हुए योग और संतुलित भोजन को अपने दिनचर्या में शामिल करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इससे उनकी ऊर्जा बढ़ेगी और सीमा सुरक्षा की निरंतर बढ़ रही जिम्मेदारी को निभाने में वे सक्षम होंगे।