लालू प्रसाद के अस्वस्थ रहने की वजह से राष्ट्रीय जनता दल की बिहार के बाहर गतिविधियां कमजोर हुईं है। अब उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव एक बार फिर से आरजेडी को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा दिलाना चाहते हैं। तेजस्वी की नजर नागालैंड, त्रिपुरा और मेघालय पर है, जहां चुनाव होने वाले हैं। इसको लेकर तेजस्वी ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ मीटिंग भी की है। तय यह हुआ है कि मंत्री कुमार सर्वजीत और लालू प्रसाद के करीबी भोला यादव 25 जनवरी को नागालैंड की यात्रा पर जाएंगे। वहां पार्टी उम्मीदवार उतारने का मन पूरा बना चुकी है।

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2009 तक आरजेडी राष्ट्रीय पार्टी के रूप में थी। लेकिन अभी आरजेडी दो राज्यों बिहार और झारखंड में क्षेत्रीय पार्टी के रूप में है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता चित्तरंजन गगन कहते हैं कि आरजेडी का जनाधार पूर्वोत्तर राज्यों में काफी बेहतर रहा है। यहां से आरजेडी के नेता जीतते रहे हैं।

लेकिन लालू प्रसाद की अस्वस्थता की वजह से पूर्वोत्तर में पार्टी ज्यादा ध्यान नहीं दे पाई। अब तेजस्वी यादव पार्टी को लगातार मजबूती देने में लगे हैं। इसी प्रक्रिया के तहत पूर्वोत्तर के चुनाव में उम्मीदवार उतारने की रणनीति बन रही है। वहां उम्मीदवार उतारने और जीत के बाद आरजेडी फिर से राष्ट्रीय पार्टी बन सकती है।

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राष्ट्रीय पार्टी बनने के लिए प्रमुख शर्तें

कोई पार्टी कम से कम 3 विभिन्न राज्यों को मिलाकर लोकसभा की 2 फीसदी सीटें जीते। 

कोई पार्टी 4 लोकसभा सीटों के अलावा लोकसभा या विधान सभा चुनाव में चार राज्यों में 6 फीसदी वोट प्राप्त करे। 

कोई पार्टी चार या चार से अधिक राज्यों में क्षेत्रीय पार्टी के रूप में मान्यता रखती हो।