झारखंड में अपराधी प्रवृत्ति के लोग नागालैंड से हथियार का फर्जी लाइसेंस बनवाकर हथियार की खरीद कर रहे हैं। राज्य पुलिस मुख्यालय ने नागालैंड से हथियार खरीदने वाले गिरोह की सक्रियता व उसके इस्तेमाल को लेकर सभी जिलों को विशेष तौर पर अलर्ट भी किया है। राज्य पुलिस मुख्यालय को इस संबंध में केंद्रीय गृहमंत्रालय ने पत्र भेजा था।

केंद्रीय गृह मंत्रालय के पत्र के बाद मुख्यालय ने नागालैंड से आर्म्स लाइसेंस लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया है। राज्य में पूर्व में भी नागालैंड से हथियार की तस्करी कराने वाले गिरोह का खुलासा हो चुका है। एनआईए की जांच में भी यह बात सामने आ चुकी थी कि नागालैंड का अलगाववादी नेता आंगन संथानम के लोगों के द्वारा उग्रवादी संगठन को हथियार उपलब्ध कराने के साथ साथ फर्जी तरीके से आर्म्स लाइसेंस रैकेट भी चलाया जाता है।

नागालैंड व जम्मू-कश्मीर से फर्जी तरीके से हथियार के नेशनल परमिट संबंधी लाइसेंस बनवाए जाते हैं। इसके बाद कोलकाता से महंगे हथियार की खरीद उसी लाइसेंस के आधार पर कर ली जाती है। रांची समेत कई जिलों में आपराधिक व दबंग किस्म के लोग इसी लाइसेंस के जरिए हथियार की खरीद कर रहे हैं।

राज्य पुलिस मुख्यालय ने निर्देश दिया है कि राज्य में कहीं भी कोई व्यक्ति नागालैंड के आर्म्स लाइसेंस का इस्तेमाल कर हथियार की खरीद करता है तो उसकी जांच करायी जाए। नागालैंड से हथियार लाइसेंस की रिपोर्ट लेकर इस संबंध में कार्रवाई की जाए। नागालैंड से जारी लाइसेंस फर्जी निकलता है तो इस मामले में आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया गया है।