नागालैंड के चुमौकेदिमा में साल 1988 में दुनिया के सबसे ऊंचे धान के पौधे की खोज के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करवाने वाले शताब्दी के मेलहाइट केनी का मंगलवार को निधन हो गया। उन्हें नागालैंड के ‘पैडी मैन’ के नाम से भी जाना जाता है। बता दें कि केनी ने 6 जनवरी को अपना 100वां जन्मदिन मनाया था। उन्होंने अक्टूबर 1988 में नागालैंड के चुमुकेदी इलाके में 2.55 मीटर (8.5 फीट) लंबे चावल के पौधे की खोज की थी।

केनी के पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, जंगल की यात्रा के दौरान उन्हें असामान्य रूप से लंबा चावल का पौधा मिला, लेकिन यह निश्चित नहीं था कि यह चावल है या नहीं। लेकिन उन्होंने जल्द ही पौधे को जंगली जानवरों से बचाने के लिए बाड़ लगा दी, और उसे काटा। पहला पौधा जो उन्होंने उगाया वह 2.49 मीटर ऊंचाई तक पहुंच गया।

नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफियू रियो ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि केनी नागालैंड के एक प्रसिद्ध और प्रतिष्ठित व्यक्तित्व में से एक थे, जिन्हें 1988 में दुनिया के सबसे ऊंचे धान के पौधे की खोज करने के लिए साल 2002 में राज्यपाल के स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया था। केनी, जो 1922 में फेक जिले के चिजामी गावं में पैदा हुए थे। उन्होंने केवेट्सो-उ लासुह से शादी की थी।