नागालैंड के राज्यपाल आरएन रवि ने भारत के 75वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राज्य के नाम अपने संदेश में कहा कि "नागालैंड भारत का अभिन्न अंग रहा है और रहेगा।" आरएन रवि ने कहा कि भारत के संवैधानिक विकास में नागा नेताओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। आरएन ने कहा कि "उनके नाम और गौरव को इतिहास के भूले हुए पन्नों से बाहर निकाला जाएगा और उन्हें सम्मानित करने के लिए उपयुक्त रूप से स्थापित किया जाएगा "।

आरएन ने आगे कहा कि "उन्हें गर्व के साथ याद करने और कड़ी मेहनत से अर्जित स्वतंत्रता के मूल्य की सराहना करने के लिए उनके अपार बलिदानों को याद किया जाएगा।" रवि ने कहा कि "भारत के पुनरुत्थान की युगांतरकारी कहानी में नागालैंड को पीछे नहीं छोड़ा जा सकता है।"


रवि ने आगे बताया कि "भारत की स्वतंत्रता उन लाखों भारतीयों के खून, पसीने और बलिदान का परिणाम है जिन्होंने ब्रिटिश शासन का विरोध किया और ऐसा करते हुए अपना अंतिम बलिदान दिया।" उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने "नागा पहाड़ियों और मैदानी इलाकों के लोगों के बीच सतत संघर्ष और युद्ध की झूठी कथा" बनाई। नागालैंड के राज्यपाल आरएन रवि भारत-नागा शांति वार्ता के वार्ताकार भी हैं।