'दुनिया में स्वर्ग कहीं है, तो यहीं हैं' यह लाइन जम्मू और कश्मीर के लिए हमेशा एक पहचान रही है। हालांकि, इस स्वर्ग में अपना मकान बनाना भारतवासियों के लिए आसान नहीं रहा है। लेकिन अब ऐसा नहीं है। केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर में भूमि स्वामित्व अधिनियम संबंधी कानूनों में संशोधन कर दिया है। देश का कोई भी नागरिक जम्मू-कश्मीर में अब जमीन खरीद सकता है। लेकिन देश में कई ऐसे राज्य हैं, जहां अब भी प्रदेश के बाहर के लोगों के लिए यह एक सपना ही है। 

आजादी के बाद देश के कई हिस्सों को संघ में शामिल करने और उनकी विशेषता को बचाए रखने के लिए कुछ विशेषाधिकार दिए गए। इसमें से एक है 'अनुच्छेद 371'। इसके तहत पूर्वोत्तर के कई राज्यों और हिमालयन राज्यों को यह अधिकार मिला है। इसमें अनुच्छेद 371 (A) से लेकर अनुच्छेद (J) तक शामिल है।

1. हिमाचल प्रदेश- हिमाचल प्रदेश को इसी अनुच्छेद के तहत विशेषाधिकार मिले हैं। इसके तहत राज्य से बाहर रहने वाला कोई नागरिक या गैर कृषक व्यक्ति हिमाचल में कृषि भूमि नहीं खरीद सकता है। हालांकि, कुछ मामलों में गैर-कृषि भूमि खरीदने का अधिकार है, लेकिन उसके लिए सरकार से अनुमति लेनी होती है।

2. नगालैंड (371-A)- स्थानीय आदिवासियों की जमीनों को सुरक्षित रखने के लिए नगालैंड को अधिकार मिले हैं। इसके तहत नगालैंड का स्थायी निवासी ना होने पर कोई भी जमीन नहीं खरीद सकता है।

3. असम (371-B)- पूरे असम नहीं, लेकिन कुछ ऐसा हिस्सा है, जहां बाहरी लोग जमीन नहीं खरीद सकते हैं। राज्य के आदिवासी इलाकों में बाहरी लोग जमीन नहीं खरीद सकते हैं।

4. मणिपुर (371-C)- नगालैंड की तरह ही मणिपुर में स्थानीय जनजातियों की जमीन सुरक्षित करने के लिए विशेषाधिकार मिले हैं। यहां भी राज्य से बाहर का कोई भी व्यक्ति जमीन खरीदने योग्य नहीं है।

5. सिक्किम (371-F)- सिक्किम में जमीन खरीदने के लिए कानून और भी सख़्त हैं। यहां राज्य से बाहर का कोई भी व्यक्ति स्थानीय लोगों की जमीन नहीं खरीद सकता है। इसके अलावा, आदिवासियों के इलाकों में राज्य कोई अन्य व्यक्ति भी जमीन नहीं खरीद सकता है।

6. मिजोरम (371-G)- मिजोरम में स्थानीय मिजो लोगों को विशेष अधिकार मिले हैं। यहां पर जमीन का मालिकाना हक सिर्फ स्थानीय आदिवासी लोगों के हाथ में है। हालांकि, बाहरी लोग बिजनेस स्थापित करने के लिए सरकार से जमीन ले सकते हैं।

7. अरुणाचल प्रदेश (371-H)- पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों की तरह अरुणाचल के स्थानीय लोगों को भी विशेषाधिकार मिले हुए हैं। यहां भी राज्य से बाहर के लोग स्थानीय निवासियों की जमीन नहीं खरीद सकते हैं।

8. कर्नाटक (371-J)- हिमाचल प्रदेश की तरह कर्नाटक में सिर्फ किसान ही जमीन खरीद सकते हैं। ख़ास बात है कि एक आय से अधिक लोगों को किसान नहीं माना जाता है। बिजनेस के लिए जमीन खरीदने से पहले राज्य सरकार से अनुमति लेनी पड़ती है।

9. उत्तराखंड- उत्तराखंड जमींदारी उन्मूलन अधिनियम कानून के तहत बाहरी लोगों के लिए राज्य में जमीन खरीदना आसान नहीं है। बिल्डरों से जमीन बचाने के लिए एक निर्धारित संख्या से अधिक जमीन नहीं खरीद सकते हैं।

10. तमिलनाडु- उत्तराखंड की तरह ही तमिलनाडु में भी बाहरी राज्य के लोगों के लिए जमीन खरीदना आसान नहीं है। राज्य में 59.95 एकड़ से ज्यादा कृषि भूमि नहीं खरीदी जा सकती। वहीं, मकान बनाने के लिए भी कम से कम 10 साल तक कृषि कार्य में ना इस्तेमाल हुई जमीन का इस्तेमाल करना होगा।