नॉन लैप्सेबल सेंट्रल पूल ऑफ रिसोर्सेज (NLCPR)-राज्य योजना के तहत पूर्वोत्तर राज्यों के लिए 16233.78 करोड़ रुपये की कुल 1635 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई।

इन कुल परियोजनाओं में से 9726.59 करोड़ रुपये की स्वीकृत राशि के साथ कम से कम 1219 परियोजनाओं को 31 जनवरी, 2022 तक पूरा किया जा चुका है। जबकि शेष 416 परियोजनाओं के लिए विभिन्न चरणों में कार्यान्वयन किया जाएगा।

पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (एमडीओएनईआर) के मंत्री जी किशन रेड्डी ने सोमवार को लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। इन परियोजनाओं को गैर-व्यपगत केंद्रीय संसाधन पूल-राज्य (एनएलसीपीआर-राज्य) योजना के तहत राज्य-वार स्वीकृत किया गया था।

अरुणाचल प्रदेश में 2484.01 करोड़ रुपये की कुल 207 परियोजनाओं को आवंटित किया गया था, जिनमें से 141 परियोजना 1544.75 करोड़ के खर्च के साथ पूरा हो चुका है और 66 परियोजनाएं चल रही हैं। असम में 3875.97 करोड़ रुपये की 446 परियोजनाएं, 1616.49 करोड़ रुपये की 260 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और 186 परियोजनाएं चल रही हैं। मणिपुर में 1857.13 करोड़ रुपए की 177 परियोजनाएं, 1078.44 रुपए की 148 परियोजनाएं पूरी की जा चुकी हैं और 29 परियोजनाएं चल रही हैं। जबकि मेघालय में 1533.96 करोड़ रुपये की 107 परियोजनाएं हैं, जिनमें से 69 709.34 करोड़ रुपये से पूरी हो चुकी हैं और 38 पर काम चल रहा है।

मिजोरम में 1393.1 करोड़ रुपए की 159 परियोजनाएं हैं और 1126.49 करोड़ रुपये की 141 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और 18 पर काम चल रहा है। नागालैंड में 1805.4 करोड़ रुपये की 170 परियोजनाएं हैं, जिनमें से 137 परियोजनाएं 1322.1 करोड़ रुपये के साथ पूरी हो चुकी हैं और 33 अभी पूरी होनी बाकी हैं।

सिक्किम में 1409.69 करोड़ रुपये की 247 परियोजनाओं को आवंटित किया गया था, जिसमें से 226 1123.50 करोड़ रुपये के साथ पूरा हो चुका है और 21 पर काम चल रहा है। त्रिपुरा में, 1874.52 करोड़ रुपये के कोष से 122 परियोजनाओं को आवंटित किया गया था, जिसमें से 1205.48 करोड़ रुपये के कोष के साथ 97 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और 25 पर काम चल रहा है।

बता दें कि पूर्वोत्तर में कुल 1635 परियोजनाओं को 16233.78 करोड़ रुपये के फंड से आवंटित किया गया था और 9726.59 करोड़ रुपए की 1219 परियोजनाओं को पूरा किया जा चुका है, जबकि 416 परियोजनाएं वर्तमान में चल रही हैं।