नेशनल डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (NDPP) के उम्मीदवार एस के यिमचुंगर 30 अक्टूबर को नागालैंड (Nagaland) की शामटोर-चेसोर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव (by-election) के लिये नामांकन पत्र दाखिल करने वाले एकमात्र प्रत्याशी हैं। शुक्रवार को नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि थी।

यिमचुंगर नगालैंड (Nagaland) में सत्तारूढ़ गठबंधन यूनाइटेड डेमोक्रेटिक अलायंस (UDP) के सर्वसम्मति से चुने गए उम्मीदवार हैं। अधिकारी ने कहा कि उन्होंने शामटोर-चेसोर सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिये निर्वाचन अधिकारी बी हेनोक बुकेम के समक्ष अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।

अधिकारी ने कहा कि अगर यिमचुंगर के दस्तावेज 11 अक्टूबर को जांच के दौरान वैध पाए जाते हैं, तो उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया जाएगा। त्यूनसांग जिले में आने वाली यह सीट मौजूदा विधायक तोषी वुंगतुंग के निधन के बाद खाली हुई थी, जिन्होंने एक जुलाई को कोविड-19 के बाद की जटिलताओं के चलते दम तोड़ दिया था।

वहीं दूसरी ओर कांग्रेस (Congress) ने बुधवार को केंद्र (Centre) और नागालैंड (Nagaland) से संबंधित नगा राजनीतिक वार्ताकारों के बीच सहमत पदों को लागू करने की मांग की। उन्होंने उत्तर पूर्वी राज्य में सरकार को मजबूत करने और एक कानून और एक कर प्रणाली को लागू करने की भी मांग की। नागालैंड एआईसीसी (AICC) के प्रभारी सचिव अजय कुमार (Ajay kumar) ने कहा कि मुख्यमंत्री नेफियू रियो (Chief Minister Neiphiu Rio) और नागालैंड विधानसभा की सर्वदलीय सरकार ने सही दिशा में कुछ नहीं करके राज्य के लोगों के खिलाफ “सबसे बड़ा अपराध” किया है।

कुमार ने यहां पार्टी की एक बैठक में कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार (Narendra modi) ने 2015 में घोषणा की थी कि उसने नगा समस्या का समाधान कर लिया है। कुमार ने कहा, ‘अगर ऐसा है तो हमारी मांग उन हिस्सों को लागू करने की है जो नागालैंड के लोगों के लिए लागू करने योग्य हैं।केंद्र ने कहा था कि समझौते में ऐसे मामले हैं जो नागालैंड (Nagaland) राज्य और राज्य के दायरे से बाहर के लोगों से संबंधित हैं जो मामले राज्य से बाहर के मुद्दों से जुड़े थे, उनका समाधान नहीं किया गया। ‘एक अलग संविधान, ध्वज और नागा स्वायत्त क्षेत्रों के एकीकरण जैसे मुद्दों पर समझौता नहीं किया जा सकता है, लेकिन केंद्र उस पर अमल क्यों नहीं कर रहा है जो बातचीत की गई है और राज्य से संबंधित है? नागालैंड के लोगों को क्यों भुगतना पड़ता है?