नगालैंड विधानसभा में इस साल 12 फरवरी को नया इतिहास दर्ज हुआ है। पहली बार नगालैंड विधानसभा में इस दिन राष्ट्रगान बजाया गया। 13वीं विधानसभा के सातवें सत्र में नगालैंड के राज्यपाल आरएन रवि के संबोधन के दौरान 'जन-मन-गण' बजाया गया जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसी के साथ ट्विटर पर #NationalAnthem ट्रेंड हो रहा है। लोगों ने नगालैंड के गठन के इतने साल राष्ट्रगान बजाये जाने को लेकर खुशी जाहिर की है।

सोशल मीडिया यूजर और रक्षा विश्लेषक नितिन ए गोखले ने वीडियो शेयर किया। इसमें दिख रहा है कि राज्यपाल का अभिभाषण शुरू होने से पहले सदन में राष्ट्रगान बजाया गया और सभी राष्ट्रगान के सम्मान में खड़े हुए हैं। बता दें कि 1 दिसंबर 1963 को नगालैंड को राज्य का दर्जा प्राप्त हुआ था। जब देश आजाद हुआ था तब नगालैंड असम प्रांत का हिस्सा था। 1950 तक यहां इस क्षेत्र में अंतर जातीय संघर्ष के कारण विद्रोह चलता रहा।

हिंसा के चलते नगालैंड विकास से कोसों दूर था। इसके बाद 1 दिसंबर 1963 को इसे अलग राज्य का दर्जा दिया गया और कोहिमा को राजधानी चुना गया। जनवरी 1964 में चुनाव के बाद लोकतांत्रिक रूप से सरकार चुनी गई और 11 फरवरी 1964 को विधानसभा का गठन हुआ।

एक अंग्रेजी अखबार से बातचीत में विधानसभा आयुक्त और सचिव डॉ. पीजे अंटनी ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि अज्ञात कारणों से नगालैंड विधानसभा में कभी भी राष्ट्रगान नहीं गाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि लेकिन इस पर ज्यादा पढ़ने के लिए कुछ नहीं है क्योंकि जब इतने साल बाद राज्यपाल के अभिभाषण में राष्ट्रगान शामिल किया गया तो सभी सदस्यों ने इसका स्वागत करते हुए अच्छा आचरण किया।

नगालैंड के सेवानिवृत्त कमिश्नर और पूर्व राज्यपाल का कहना है कि उनके समय में ऐसा कोई नियम नहीं था और न ही उनके कार्यकाल में इसका अभ्यास हुआ। हालांकि इसके पीछे ठोस कारण भी नहीं है। लेकिन राज्यपाल के अभिभाषण में इसे शामिल करने में कुछ भी गलत नहीं है। बता दें कि तीन साल पहले त्रिपुरा में सरकार बदलते ही पहली बार विधानसभा में राष्ट्रगान गाया गया था।