नागालैंड के आतंकवादी संगठनों और नागरिक समाज संगठनों ने केंद्र से अलग झंडे की मांग की थी। इस मांग पर केंद्र ने नागा शांति समझौते के मसौदे को खत्म करते हुए अलग झंडे की मांग को खारिज कर दिया है। केंद्र ने कथित तौर पर के इस मामले को अंतिम रूप दिया है। इसी के साथ केंद्र सरकार ने कहा कि यह नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालिम (आईएम) के नेताओं पर निर्भर है कि वे इस समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे या नहीं।


जानकारी दे दे कि इस समझौते पर हस्ताक्षर करने की तारीख अभी तक है। यही नहीं नागालैंड के किसी भी विद्रोही गुट के साथ आगे कोई परेड नहीं होगी है। सूत्रों से जानकारी हासिल हुई है कि इस समझौते पर हस्ताक्षर करने की तारीख जल्द ही तय होगी। केंद्र जल्द से जल्द समझौते पर हस्ताक्षर करने की को राजी नहीं है। फिलहाल के लिए झंडे का मांग को खारिज कर दिया गया है।

बता दें कि केंद्र ने पहले देश के विभिन्न हिस्सों में आतंकवादी समूहों के साथ कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। लेकिन नागालैंड के उग्रवादियों के अलावा, नागा गाँवबुरा फेडरेशन और नागालैंड के सभी 14 जनजातियों के सहित नागरिक समाज समूह इसे समावेशी बनाने के समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे। खास बात ये है कि नागा नेशनल पॉलिटिकल ग्रुप्स (NNPG), राज्य के सात आतंकवादी समूहों और नागरिकों के समूहों के एक छाता संगठन ने पहले ही मसौदा समझौते को मंजूरी दे दी है।