कोहिमा। भारत के उत्तर पूर्व दिशा में स्थित राज्य नागालैंड (Nagaland) के पास राजस्व कमाने का एक अनोखा अवसर सामने आया है। अब वह अपने राज्य की ऊबड़ खाबड़ सड़कों और पहाड़ियों का इस्तेमाल करके दुनिया का ‘ऑफ रोड कैपिटल’ (off road capital) बन सकता है। दरअसल, अमेरिका के साउत डकोटा राज्य के एक शहर स्टर्गिस ने नागालैंड को राज्य के ऊबड़ खाबड़ सड़कों को अवसर में बदलने के लिए प्रेरित किया है। इन परिस्थितियों को राज्य ऑफ रोडिंग बिजनेस तैयार करने में मदद ले सकती है।

इस योजना के तैयार होने का बाद राज्य हर साल करीब 100 करोड़ रुपये का सालाना राजस्व पैदा कर सकती है। राज्य सरकार ने पथरीले इलाके और ऊबड़ खाबड़ सड़कों को ‘ऑफ रोडिंग’ (off roading) में बदलने की योजना तैयार की है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार और राज्य को राजस्व प्राप्त हो सके।

ऑफ रोडिंग (off roading) का मतलब एक ऐसी गतिविधि से है, जिसमें रेत, बजरी और छोटे-मोटो पत्थर से तैयार की गई सड़क होती है। इसमें नदी के तट और खड़ी चट्टानों वाले दुर्गल इलाके होते हैं। साथ ही इसमें समतल धरती पर भी कार चलाना भी शामिल है।

नागालैंड सरकार में आयुक्त और पर्यटन सचिव आई किटो झिमोमी ने कोहिमा में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट के दौरान बताया कि वह नागालैंड को दुनिया की ‘ऑफ रोड’ राजधानी बनाना चाहते हैं। इससे सालाना 100 करोड़ रुपये आने की उम्मीद है। इससे राज्य के लिए राजस्व आएगा और उसका विकास भी होगा।

अमेराकी शहर स्टर्गिस ऑफ रोड कार्यक्रम से हर साल 80 करोड़ अमेरिकी डॉलर की कमाई करता है। साथ ही 10 दिवसीय मोटरसाइकिल कार्यक्रम से हजारों लोगों को आजीविका देता है।