नागालैंड पूर्वोत्तर राज्यों में कोरोना मुक्त राज्यों की गिनती में आता है। यहां एक भी कोरोना का मरीज नहीं है। लेकिन पहले एक कोरोना संक्रमित पाया गया था जो कि अभी बिल्कुल स्वस्थ हो चुका है। इसी तरह अब नागालैंड सरकार ने राज्य के बाहर फंसे हुए लोगों को लाने के लिए विस्तृत योजनाओं पर काम कर रही है।
हालांकि, भारत सरकार ने दिल्ली और अन्य प्रमुख शहरों से विशेष ट्रेन सेवाओं की शुरूआत की है, जो राज्य सरकार की योजनाओं से बाहर कर रही है और एक नए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) पर काम कर रही है, ताकि आवश्यक राज्य में फंसे और संकटग्रस्त नागरिकों के आने से पहले अन्य प्रोटोकॉल रखे जाते हैं।
जानकारी के लिए बता दें कि देश के प्रभावित हिस्सों से फंसे हुए लोगों को लाने वाले राज्यों में कोविड-19  मामलों की वृद्धि हुई है उन राज्यों में फंसे हुए लोगों के लिए सिविल सोसाइटी की अपील राज्य में वापस नहीं आने की गुजारिश की है क्योंकि सरकार ने कहा कि यह नागालैंड के लिए बहुत चिंता और चुनौती का विषय है जो सौभाग्य से कोविद -19 मुक्त रहा है। इसलिए वो ऐसा रिस्क नहीं ले सकती। लेकिन सभी परिस्थितियों को देखते हुए, राज्य सरकार राज्य के बाहर वरिष्ठ नागरिकों और रोगियों को पहली प्राथमिकता देगी, जबकि, उन नागरिकों को 10,000 रुपये की राशि भी देगी।