नागालैंड राज्य के मोन जिले के अबोई (Aboi) को जिला का दर्जा देने की मांग पर नागालैंड सरकार ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो (Neiphiu Rio) ने कहा है कि राज्य सरकार ने मौजूदा आदिवासी जिलों में से किसी को भी विभाजित नहीं करने का फैसला किया है।
सीएम नेफ्यू रियो (Neiphiu Rio) ने कहा कि “वर्तमान आदिवासी जिलों मोन, मोकोकचुंग, जुन्हेबोटो, वोखा और फेक जिलों को विभाजित करके और अधिक जिलों के निर्माण की मांग की जा रही है। लेकिन आदिवासी जिलों का आगे विभाजन नगाओं के हित में नहीं होगा ”।
मुख्यमंत्री ने आगे आदिवासी संगठनों से "इस नीति को समझने" और अपनी मांगों को छोड़ने की अपील की है। रियो ने आगे कहा कि "मैं आदिवासी संगठनों से अपील करता हूं कि वे नगाओं के समग्र कल्याण के लिए राज्य सरकार की नीति को समझें।"
इस बीच, अबोई जिला मांग समिति (ADDC) द्वारा आहूत बंद ने नागालैंड के मोन जिले के कई हिस्सों में सामान्य जनजीवन को प्रभावित किया है। ADDC ने मोन जिले को विभाजित कर अबोई समुदाय के लिए अलग जिला बनाने की मांग को लेकर बंद का आह्वान किया है।
बता दें कि बंद अबोई (Aboi), चेन और लोंगचांग में कोन्याक यूनियन (KU) इकाइयों के अधिकार क्षेत्र में था। पहले चरण में ADDC कार्यकर्ताओं द्वारा सरकारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाकर और दुकानों को बंद कर बैंड का संचालन किया गया।