गुवाहाटी/कोहिमा। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा (Assam Chief Minister Himanta Biswa Sarma) और नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफियू रियो (Nagaland Chief Minister Neiphiu Rio) ने रविवार को एक बैठक की। इस दौरान दोनों मुख्यमंत्रियों ने पूर्वोत्तर के दोनों राज्यों से संबंधित कई मुद्दों पर चर्चा की। अधिकारी बंद कमरे में हुई इस बैठक में चर्चा किए गए मुद्दों पर चुप्पी साधे रहे, लेकिन सूत्रों ने कहा कि दोनों ने केवल कुछ व्यक्तिगत और राजनीतिक मुद्दों पर बात की।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने सर्किट हाउस में बैठक की जानकारी देने के लिए ट्वीट किया था, जिसमें मीडिया को जाने की अनुमति नहीं थी। उन्होंने लगभग 15 मिनट तक ही चली इस चर्चा का विवरण साझा नहीं किया। मुख्यमंत्री सरमा ने ट्वीट कर कहा कि आज जोरहाट में नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफियू रियो से सांसद कामाख्या तासा के साथ मिलकर खुशी हुई। दोनों राज्यों के बीच सदियों पुराने संबंधों को मजबूत करने के लिए आपसी हित के कई मुद्दों पर चर्चा की।

सरमा ने ट्वीट कर कहा कि हम हमेशा एकजुट और मजबूत पूर्वोत्तर के निर्माण की दिशा में प्रयासरत हैं। असम के मुख्यमंत्री के जनसंपर्क प्रकोष्ठ के एक आधिकारिक बयान में जोरहाट जिले में उनके अन्य कार्यक्रमों का विवरण दिया गया था, लेकिन इसमें सरमा और रियो के बीच बैठक के विवरण के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। बयान में कहा गया है कि इससे पहले सुबह मुख्यमंत्री सरमा ने जोरहाट सर्किट हाउस में नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफियू रियो के साथ बैठक की। दोनों मुख्यमंत्रियों ने आपसी हित के कई मुद्दों पर चर्चा की।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बैठक बंद कमरे में हुई और इसमें सरकार की ओर से कोई भी मौजूद नहीं था। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने कुछ व्यक्तिगत और कुछ राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा की। इसमें असम और नागालैंड के बीच अंतरराज्यीय सीमा विवाद पर चर्चा नहीं की गई। संक्षिप्त बैठक में किसी आधिकारिक मुद्दे पर विचार नहीं किया गया।

16 नवंबर को सरमा और मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा की ओर से दोनों राज्यों के बीच एक विवादित क्षेत्र का पहली बार संयुक्त रूप से दौरा करने और स्थानीय लोगों के साथ बातचीत करने के बाद ये बैठक महत्वपूर्ण थी। गुवाहाटी में एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सरमा और संगमा ने कहा था कि असम और मेघालय इस साल के अंत तक 12 में से छह स्थानों पर लंबे समय से लंबित अंतरराज्यीय सीमा विवादों को निपटाने का लक्ष्य बना रहे हैं।