भारत और नॉर्थईस्ट के सबसे बड़े त्यौहारों में से एक है Hornbill Festival। 1 दिसंबर को ये त्यौहार शुरू हो गया है। ये नागालैंड का 10 दिन चलने वाला वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव है। ये देश के अनोखे सांस्कृतिक त्यौहारों में से एक है जिसमें संस्कृति, परंपरा, संगीत, जातियता और भोजन का संगम देखने को मिलता है। 

चलिए आज आपको इस त्यौहार से जुड़े कुछ ऐसे फ़ैक्ट्स बता देते हैं जिनके बारे में जानकर आपका भी मन इस त्यौहार में शामिल होने का करने लगेगा। 

10 दिन तक चलता है फ़ेस्टिवल 

हॉर्नबिल फे़स्टिवल में पूरे भारत और नागालैंड की सभी जन-जातियां हिस्सा लेती हैं। ये फ़ेस्टिवल 10 दिनों तक चलता है।

ट्राइबल फ़ूड 

यहां पर आदिवासी भोजन का लुत्फ़ उठा सकते हैं। जैसे अखुनी, सूखे बांस के अंकुर और पोर्क, बांस की स्टीम्ड फ़िश, अकिबे, आदि।

चावल से बनने वाली बीयर 

इस फ़ेस्टिवल में आप यहां मिलने वाली चावल से बनी बीयर और ऐसे दूसरे देसी पेय पदार्थों का लुत्फ़ उठा सकते हैं। कहते हैं कि इनमें चिकित्सीय गुण होते हैं। 

फ़ेस्टिवल का नाम

इस फ़ेस्टिवल का नाम जंगल में रहने वाले रंग-बिरंगे पक्षी 'हॉर्नबिल' के नाम पर रखा गया है जो पूर्वोत्तर राज्य में रहने वाली जन-जातियों की लोककथाओं का एक हिस्सा है।

Unity Dance

हॉर्नबिल फे़स्टिवल को त्यौहारों का त्यौहार भी कहा जाता है। इसमें एक Unity Dance(एकता नृत्य) भी किया जाता है, जिसमें गांव के लोग और अन्य प्रतिभागी लोक ताल पर नृत्य करते हैं। डांस एक अलाव के इर्द-गिर्द होता है।

लाइव परफ़ॉर्मेंस

यहां पर देश और दुनिया से आए कलाकार भी लाइव परफ़ॉर्मेंस देते हैं। इसके लिए पहले से ही वो यहां आना शुरू कर देते हैं। 

खेल  

इस उत्सव में आप कई प्रकार के खेलों में हिस्सा ले सकते हैं। जैसे नागा रेसलिंग, नागा तीरअंदाज़ी।

अन्य फ़ेस्टिवल 

इस फ़ेस्टिवल में हॉर्नबिल म्यूज़िक फे़स्टिवल(Hornbill Music Festival), नागालैंड लिटरेचर फे़स्टिवल(Nagaland Literature Festival) और नागालैंड फ़िल्म फे़स्टिवल(Nagaland Film Festival) का भी आयोजन किया जाता है।