नगालैंड में कोहिमा जिले के दज़ुकू घाटी में भीषण आग लग गई है। जंगल में आग का लगना कुदरत को भारी नुकसान पहुंचाना है। रिपोर्टों के अनुसार, आग ने दज़ुकू घाटी के दृष्टिकोण को पूरे तरीके से नष्ट कर दिया है। जानकारी के लिए बता दें कि सुरम्य घाटी अपने प्राकृतिक वातावरण, मौसमी फूलों और वनस्पतियों और जीवों के लिए जानी जाती है। घाटी नागालैंड और मणिपुर के बीच अंतरराज्यीय सीमा में स्थित है। यह समुद्र तल से 2,452 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।


आग किन वजहों से लगी उन कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। नागालैंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने आग लगने की घटना की पुष्टि की है। नागालैंड के राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) ने पहले ही आग बुझाने के लिए भारतीय वायु सेना (IAF) के हेलिकॉप्टरों की आवश्यकता बताई है। दक्षिणी अंगामी यूथ एसोसिएशन (SAYO), जो घाटी की सुरक्षा के लिए काम कर रही है और समय-समय पर प्रतिबंध जारी करती है, कथित तौर पर आग से हुए नुकसान का आकलन करने और कारण का पता लगाने के लिए अग्नि स्थल पर एक प्रतिनिधिमंडल भेजेगी।


आपदा इससे पहले, विनाशकारी आग की एक घटना ने नवंबर 2018 में घाटी को नुकसान पहुंचाया था। यह बताया गया है कि दक्षिणी अंगामी यूथ एसोसिएशन के सदस्यों द्वारा उस वर्ष में बड़े पैमाने पर आग लगाई गई थी। बता दें कि दजुकू घाटी, नागालैंड की राज्य की राजधानी कोहिमा से लगभग 30 किमी दूर है। हाल में किसी जनमाल हानि की कोई खबर नहीं है। लेकिन कई वन्यजीव को नुकसान होने की जानकारी दी गई है।