गुवाहाटी हाईकोर्ट की कोहिमा बेंच ने गुरुवार को नागालैंड सरकार के उस आदेश पर स्टे लगा दिया, जिसमें सरकारी कर्मचारियों को कोरोना वैक्‍सीन की दोनों डोज लगवाने का आदेश जारी किया गया था। ऐसा ना करने पर सैलरी रोकने की बात कही गई थी। इसके अलावा कहा गया कि प्रत्येक 15 दिनों में कोविड की नेगेटिव रिपोर्ट दिखाने पर ही उन्हें ड्यूटी पर आने दिया जाएगा। ऐसा न करने पर कर्मचारियों को अवैतनिक जबरन छुट्टी पर भेजने की भी बात कही गई। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में सरकार के उस आदेश पर स्‍टे लगाते हुए नियमों में बदलाव की भी बात कही है।

बता दें कि नागालैंड सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए 15 जुलाई को एक अनूठा फरमान जारी किया था। जिसमें कहा गया कि ऐसे कर्मचारियों का वेतन रोक दिया जाएगा जिन्होंने कोविड-19 रोधी टीका नहीं लगवाया होगा। इसके अलावा प्रत्येक 15 दिनों में कोरोना की नेगेटिव रिपोर्ट दिखाने पर ही उन्हें ड्यूटी पर आने दिया जाएगा। नागालैंड के मुख्य सचिव जे आलम की ओर से ये आदेश जारी किया गया था।

देश में कोरोना वैक्सीनेशन अभियान तेजी से जारी है। इस बीच गर्भवती महिलाएं भी अब आगे आकर वैक्सीन ले रही हैं। देशभर में अभी तक 2।27 लाख से ज्यादा महिलाएं कोरोना वैक्सीन की पहली खुराक ले चुकी है। सबसे ज्यादा तमिलनाडु की महिलाओं ने वैक्सीन ली है। यहां 78,838 से गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण हुआ है। इसके बाद दूसरे नंबर पर आंध्र प्रधेश है जहां अब तक 34,228 गर्भवती महिलाओं ने वैक्सीन ली है।

इसके बाद तीसरे नंबर पर ओडिशा है जहां 29821 महिलाओं ने वैक्सीन ली। वहीं मध्य प्रदेश में 21,842, केरल में 18,423 और कर्नाटक में 16,673 गर्भवती महिलाओं ने वैक्सीन ली।

इससे पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा था कि गर्भवती महिलाओं को बिना किसी झिझक के कोविड-19 वैक्सीन जरूर लगानी चाहिए क्योंकि अब सभी वैज्ञानिक अध्ययन इसके पक्ष में हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वी के पॉल ने कहा कि गर्भवती महिलाओं में कोविड-19 संक्रमण से समय पूर्व प्रसव जैसे जोखिम बढ़ सकते हैं, इसलिए उनका टीका लगवाना जरूरी है।

वीके पॉल ने बताया, ‘गर्भवती महिलाओं में कोविड का प्रभाव दूसरों की तुलना में अलग नहीं होता है। लेकिन गर्भवती महिलाओं के लिए कोविड गंभीर बीमारी है, क्योंकि उस वक्त उनके शरीर की क्रिया प्रणाली अलग होती है। इससे प्रेगनेंसी से जुड़ी दूसरी समस्याएं हो सकती हैं या नहीं भी हो सकती हैं। लेकिन यह दो जिंदगियों का सवाल है। इसलिए वैक्सीन ऐसी समस्याओं को रोक सकती है।’