नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने पिछले साल दिसंबर में ओटिंग में हुई गोलीबारी की घटना को सबसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। बता दें कि इस घटना में गलत पहचान के चलते सेना की गोलीबारी में 14 नागरिकों की मौत हो गई थी। उन्होंने कहा कि पहली बार भारत सरकार और सेना ने अपनी गलतियों को स्वीकार किया है।

फेक जिले के एक शीर्ष निकाय चाखेसांग छात्र संघ (सीएसयू) के प्लेटिनम जयंती समारोह के उद्घाटन सत्र के दौरान एक विशाल सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम, जो सशस्त्र बलों को गिरफ्तारी की अतिरिक्त न्यायिक शक्तियां प्रदान करता है। राज्य में 1958 में नागा विद्रोह का मुकाबला करने के लिए पेश किया गया था। उन्होंने कहा कि भले ही पूरे देश से अफस्पा को निरस्त नहीं किया जा सकता है, लेकिन हम मांग कर रहे हैं कि इसे अंतरराष्ट्रीय सीमा और अंतरराज्यीय सीमाओं को छोडक़र नागालैंड से हटा लिया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र दशकों पुराने नगा राजनीतिक मुद्दे को हल करने के लिए दोनों सदनों में नागालैंड को और सीटें देने को तैयार हैं।

रियो ने कहा कि नागाओं को एक परिवार के रूप में नए सिरे से शुरुआत करने की जरूरत है, जिसमें एक-दूसरे के खिलाफ जलन या समाज में वैमनस्य पैदा करने के लिए एक-दूसरे को धोखा न दिया जाए। चार बार के मुख्यमंत्री और एक बार के लोकसभा सांसद ने कहा कि नगा वार्ता दल और भारत सरकार नागालैंड को अधिक लोकसभा सीटें, अधिक राज्यसभा सीटें, अधिक विधायक सीटें देने के लिए तैयार हैं। रियो ने कहा कि जब तक नगा मुद्दे का समाधान नहीं होता है, तब तक हमारी भूमि में पूर्ण शांति नहीं होगी। उन्होंने कहा कि राज्य विधानसभा के 60 सदस्य एक साथ आए हैं और विपक्ष रहित संयुक्त जनतांत्रिक गठबंधन (यूडीए) का गठन किया है क्योंकि सरकार चाहती है कि नगाओं को एकजुट किया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि नगा संघर्ष के नाम पर जबरन वसूली, अवैध कराधान और धमकी लोगों का मनोबल गिरा रही है और उम्मीद है कि स्थायी शांति के साथ यह सब खत्म हो जाएगा।