गैर कानूनी ढंग से खुली आनलाइन लाटरी की दुकानों पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। शहर के मेन बाजार लाइटों वालें चौक में सरकारी लाटरी की आड़ में गैर कानूनी ढंग से आनलाइन लाटरी और दड़ा सट्टा लगाया जा रहा था। पुलिस ने छापेमारी कर 21 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनसे 2 लाख 9 हजार, 630 रुपये सहित लाटरी स्टाल पर इस्तेमाल होने वाले कंप्यूटर, लैपटाप, सीपीयू सहित आदि सामान बरामद किया है। लाटरी स्टालों का मालिक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।


लाटरी स्टाल में कम्प्यूटराइज सिस्टम के जरिए ए, बी, सी, डी नंबर खुद निकाला जाता था और ग्राहकों को मिजोरम नागालैंड साइड का लाटरी नंबर देते थे, जबकि पंजाब में ऐसी कोई सरकारी लाटरी को इजाजत नहीं दी गई। सिर्फ पंजाब की सरकारी लाटरी को ही सरकार से मान्यता प्राप्त है।


चारों लाटरी स्टाल में से तीन बावा लाटरी स्टाल के और एक पंकज के नाम लाटरी स्टाल चल रहे थे। जहां शनिवार को उप कप्तान पुलिस सिटी रजिद्र मनहास व थाना डिवीजन नंबर. 1 के मुख्य अफसर प्रमोद कुमार के नेतृत्व में पुलिस की अलग-अलग टीमें गठित कर सुबह 11 बजे छापामारी की गई।


जांच अधिकारी ने बताया कि करीब एक साल से यह गोरखधंधा चल रहा था। हालांकि कई ग्राहकों को लाटरी फर्जी होने का अंदेशा था, लेकिन कर्मचारी झांसे में लेकर उनको विश्वास दिला देते थे कि यह असली है।


पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली थी कि लाइटों वालें चौक में चार लाटरी की दुकानें हैं। इसपर फर्जी लाटरी बेची जा रही है। लोगों की आंखों में धूल झोंककर लाखों रुपये की कमाई की जा रही है। बताया जा रहा है कि हर माह लगभग दस लाख रुपये की ये लोग लाटरी बेच देते थे। साल भर में करीब सवा करोड़ रुपये की ठगी की है।


थाना डिवीजन नंबर 1 के मुख्य अफसर प्रमोद कुमार ने कहा कि पुलिस ने जिन लाटरी स्टाल पर छापामारी की उस लाटरी स्टाल का मुख्य आरोपित अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस के हाथ अभी लाटरी स्टाल पर काम करने वाले और दड़ा सट्टा लगाने वाले काबू आए है। उक्त लोगों की लाटरी पंजाब सरकार के मान्यता प्राप्त लाटरी के साथ मैच नहीं हो रही थी।