देशभर में शुक्रवार को क्रिसमस की धूम रही। नागलैंड में भी हर्षोल्लास के साथ क्रिसमस मनाया गया और कोविड-19 महामारी को देखते हुए कई चर्चों ने श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन माध्यम से प्रार्थना सभा में शामिल होने की व्यवस्था की। ईसाई बहुल राज्य में कोविड-19 के नियमों के मद्देनजर, ईसामसीह के जन्म के स्वागत में गुरुवार को मध्यरात्रि सेवाओं में कम लोगों की उपस्थिति देखी गई। 

राजधानी कोहिमा में जहां कुछ चर्चों ने परिसर के भीतर सामूहिक प्रार्थना के मुख्य आयोजन को रद्द कर दिया और क्रिसमस पर ऑनलाइन माध्यम से लोगों के शामिल होने की व्यवस्था की, वहीं कुछ चर्चों में विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया जा रहा है जिसमें चरणबद्ध तरीके से सीमित संख्या में श्रद्धालुओं को शमिल होने दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त पिछले साल की तरह क्रिसमस भोज का आयोजन नहीं किया जा रहा है।

सीएम-राज्यपाल ने दी शुभकामनाएं

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने भोज देने की बजाय अपने साथ ले जाने लायक पैकेट में भोजन देने की व्यवस्था की है। इस बीच नगालैंड के राज्यपाल आरएन रवि, मुख्यमंत्री निफियू रियो, उपमुख्यमंत्री वाई पैटन, नेता प्रतिपक्ष टीआर जेलियांग, राजनीतिक दलों, नगा राष्ट्रीय राजनीतिक समूहों, जनजातीय संगठन और नागरिक समाज ने राज्य के लोगों को क्रिसमस पर शुभकामनाएं दी है।

राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा, 'सत्य, अहिंसा, क्षमा और सम्मान इस त्यौहार की विशेषताएं हैं। आइए क्रिसमस पर हम इन मूल्यों को आत्मसात करें।' मुख्यमंत्री ने कहा, 'क्रिसमस शांति, प्रसन्नता और उम्मीद का पर्व है। यह दूसरों को देने, साझा करने और प्रेम का समय है। ईश्वर का प्रेम सबके लिए है यह बताने का समय है। क्रिसमस निराशा के अंत, आशा की शुरुआत और ईश्वर की कृपा का प्रतीक है।'