भारतीय चुनाव आयोग ने चिराग पासवान की अध्यक्षता वाली लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को नागालैंड में राज्य पार्टी के रूप में मान्यता दी है। दरअसल, जमुई के सांसद चिराग पासवान के नेतृत्व वाली पार्टी ने न केवल 60 सदस्यीय नागालैंड विधानसभा में दो सीटें जीतीं, बल्कि अन्य आठ निर्वाचन क्षेत्रों में उपविजेता रही। इसके साथ ही पार्टी ने 8.6% से अधिक वोट हासिल कर राज्य में चौथी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में भी उभर कर सामने आई है।

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दिलचस्प बात यह है कि यह नागालैंड में एलजेपी (आरवी) की पहली चुनावी यात्रा थी। इसके बावजूद पार्टी ने कुल वैध वोटों का 8.6% से अधिक मत हासिल करने में सफल रही, जबकि पार्टी ने राज्य की कुल 60 में से मात्र 16 सीटों पर ही चुनाव लड़ा था। लोजपा की इस सफलता के बाद चुनाव चिन्ह (आरक्षण और आवंटन) आदेश, 1968 की धारा 6 के तहत निर्धारित प्रावधानों के अनुसार चुनाव आयोग ने 'राज्य पार्टी' का दर्जा दिया है। गौरतलब है कि इस चुनाव में एनडीपीपी को 32.2%, बीजेपी 18.8% प्रतिशत और एनसीपी को 9.5%  वोट मिले है। नागालैंड विधानसभा चुनाव 2023 में चुनावी प्रदर्शन की समीक्षा के आधार पर चुनाव आयोग सचिवालय ने 10 अप्रैल को एक पत्र जारी कर लोजपा (रामविलास) ये मान्यता दी है।

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एलजेपी पर चाचा पारस पासवान की ओर से कब्जा किए जाने के बाद चिराग पासवान ने एलजेपी (रामविलास) पार्टी बनाई थी, जिसे अक्टूबर 2021 में चुनाव आयोग ने एक अलग चुनाव चिह्न आवंटित कर मान्यता दी थी। बता दें कि इस बार नागालैंड में एलजेपी (रामविलास) की पहली चुनावी यात्रा थी। अब स्टेट पार्टी का दर्जा मिलने के बाद चिराग पासवान के लिए यह बड़ी उपलब्धि है।