कोहिमा : पूर्वी नागालैंड में अलग राज्य की मांग जोर पकड़ने लगी है।  पूर्वी नागालैंड पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन (ईएनपीओ) ने अलग राज्य की मांग को लेकर अपनी गतिविधियों को तेज कर दिया है।  नागालैंड के 20 विधायकों ने कथित तौर पर मांग पूरी होने तक चुनाव नहीं लड़ने की कसम खाई है।

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पूर्वी नागालैंड क्षेत्र में छह जिले शामिल हैं: सोम, त्युएनसांग, किफिर, लोंगलेंग, नोकलाक और शामटोर।

नागालैंड के इन छह जिलों में सात जनजातियां रहती हैं - चांग, ​​खियमनिउंगन, कोन्याक, फोम, संगतम, तिखिर और यिमखिउंग।

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ENPO ने हाल ही में पूर्वी नागालैंड के राजनेताओं, जनजातीय निकायों और अन्य संगठनों के साथ एक बैठक में "फ्रंटियर नागालैंड" के एक अलग राज्य की मांग पूरी होने तक किसी भी चुनाव में भाग नहीं लेने का संकल्प लिया। क्षेत्र के 20 विधायक लोगों की इच्छा के विरुद्ध नहीं जा सकते। राज्य का आंदोलन एक जन आंदोलन है और हम सब उनके साथ हैं।

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एनपीएफ विधायक ने कहा कि ईएनपीओ ने 2010 में आंदोलन शुरू होने के बाद से कई मौकों पर केंद्र को अभ्यावेदन और ज्ञापन सौंपे हैं।

60 सदस्यीय नागालैंड विधानसभा के लिए चुनाव अगले साल फरवरी-मार्च के दौरान होने की संभावना है।