कोरोना वायरस के कारण लागू लॉकडाउन की वजह से नागालैंड सरकार की आमदनी प्रभावित हुई है। राजस्व में आई इस कमी की पूर्ति के लिए राज्य सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों पर उपकर लगाने का फैसला किया है। मंगलवार को प्रदेश सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, राज्य में मंगलवार आधी रात के बाद से पेट्रोल 6 रुपये प्रति लीटर और डीजल 5 रुपये प्रति लीटर महंगा हो जाएगा।
नागालैंड के अतिरिक्त मुख्य सचिव और वित्त आयुक्त सेंटियांगर इमचेन ने अधिसूचना में बताया कि पेट्रोलियम उत्पादों पर कोविड-19 उपकर लगाया गया है। नागालैंड के (पेट्रोलियम और पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री) कराधान अधिनियम, 1967 की धारा 3ए की उपधारा 3 का इस्तेमाल करते हुए राज्यपाल ने पेट्रोल के दाम में 6 रुपये की और डीजल की कीमत में 5 रुपये की वृद्धि की है।
अधिसूचना में बताया गया है कि यह बढ़ोतरी मंगलवार (8 अप्रैल) की मध्यरात्रि से लागू होगी। इससे पहले असम सरकार ने राजकोषीय घाटे की भरपाई के लिए पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी की थी। राज्य में पेट्रोल के दाम 71.61 पैसे से बढ़ाकर 77.46 पैसे और डीजल के दाम 65.07 रुपये से बढ़ाकर 70.50 रुपये कर दिए गए थे।

दामों में बढ़ोतरी का ऐलान करते हुए असम के वित्त मंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने कहा था कि देशव्यापी लॉकडाउन के कारण राज्य को हुए नुकसान की भरपाई के लिए असम सरकार ने पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी की है। सरमा ने कहा था कि पेट्रोल-डीजल के दाम में यह बढ़ोतरी अस्थायी है और हम सबको को इसका बोझ सहन करना होगा। जैसे ही कोरोना वायरस खत्म होगा, इसकी फिर से समीक्षा की जाएगी।